धर्म
2 घंटे पहले
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विचारों
समसप्तक योग का प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि और चंद्रमा के बीच शत्रुता का भाव होता है। जब ये दोनों ग्रह एक दूसरे के आमने-सामने होते हैं तो समसप्तक योग बनता है, जिसे सामान्य तौर पर शुभ नहीं माना जाता है। 21 जून को जब चंद्रमा अपनी राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे, तब मीन राशि में स्थित शनि के साथ मिलकर यह योग बनाएंगे। इस खगोलीय स्थिति का असर मुख्य रूप से तीन राशियों पर प्रतिकूल हो सकता है।
सिंह राशि पर असर
सिंह राशि के जातकों को इस अवधि में जीवन में अचानक आने वाले उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए। आर्थिक स्थिति में अस्थिरता आ सकती है और अचानक से खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है। सलाह दी जाती है कि इस दौरान अपनी बचत को खर्च न करें। अपनी सेहत का ध्यान रखें, खासकर गले और पेट से जुड़ी बीमारियों के प्रति सावधान रहें। राहत पाने के लिए भगवान शिव की पूजा-अर्चना करना लाभकारी होगा।
तुला राशि के लिए सावधानी
चंद्रमा का गोचर आपके द्वादश भाव में होगा। इस दौरान आपको अपने खर्चों पर लगाम लगाने की जरूरत है। किसी भी प्रकार का बड़ा वित्तीय निर्णय या निवेश 21 जून के बाद कुछ दिनों के लिए टाल देना बेहतर होगा। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें। 40 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को स्वास्थ्य के प्रति कोई लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और अपने बच्चों की सेहत का भी पूरा ध्यान रखना होगा। हनुमान चालीसा का पाठ करना आपके लिए शुभ रहेगा।
मीन राशि के लिए संकेत
मीन राशि के जातकों के लिए प्रथम और सप्तम भाव में शनि की स्थिति पारिवारिक कलह का कारण बन सकती है। बातचीत के दौरान अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें और शब्दों का चुनाव सोच-समझकर करें। वैवाहिक जीवन में भी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज न करें। यदि आप नौकरी की तलाश कर रहे हैं, तो अपने प्रयासों को और अधिक तेज करें। गलत संगति में पड़कर अपना समय और धन बर्बाद होने से बचाएं। भगवान विष्णु की आराधना आपके लिए सहायक सिद्ध होगी।
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