धर्म
2 घंटे पहले
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विचारों
सड़क पर पड़ी चीजों के प्रति रखें सावधानी
हमारे घर के बड़े-बुजुर्ग अक्सर हमें रास्ते में चलते समय जमीन पर पड़ी चीजों के प्रति सतर्क रहने की नसीहत देते हैं। हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में ऐसी कई वस्तुओं का उल्लेख मिलता है, जिन्हें बहुत पवित्र या देवी-देवताओं का प्रतीक माना गया है। यदि अनजाने में भी इन पर पैर लग जाए, तो इसे शुभ नहीं माना जाता है। खासतौर पर शुक्रवार और पूर्णिमा के दिन इन नियमों का पालन करना और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। आइए जानते हैं कि वे कौन-सी चीजें हैं जिन्हें सड़क या रास्ते पर पड़ा देखने पर उनसे दूरी बनाए रखना चाहिए।
पीली वस्तुओं का महत्व
ज्योतिष शास्त्र में पीले रंग को सीधे तौर पर देवगुरु बृहस्पति से जोड़कर देखा जाता है। यही कारण है कि यदि आपको रास्ते में कहीं पीले फूल, हल्दी या नींबू-मिर्च जैसी चीजें दिखाई दें, तो उन पर पैर रखने से हर संभव बचना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इन चीजों पर पैर रखना गुरु ग्रह और देवी लक्ष्मी का अपमान करने के समान है। यदि ऐसी वस्तुएं रास्ते में नजर आएं, तो बेहतर यही है कि आप उनके ऊपर से निकलने के बजाय उनसे दूरी बनाकर आगे निकल जाएं।
चावल, सिक्के और कौड़ी से जुड़ी मान्यता
अक्सर पूजा-पाठ के उपरांत सड़कों या चौराहों पर चावल, कौड़ी या सिक्के बिखरे हुए दिखाई देते हैं। धार्मिक दृष्टि से इन्हें मां लक्ष्मी के स्वरूप के रूप में देखा जाता है। इन वस्तुओं पर पैर पड़ना धन और वैभव का अनादर माना जाता है, जिससे आर्थिक परेशानियां आ सकती हैं। यदि आपको सड़क पर कोई सिक्का मिले, तो उसे पैर से छूने के बजाय उठा लेना चाहिए और किसी साफ स्थान पर रखने, मंदिर में अर्पित करने या किसी जरूरतमंद को दान कर देने की सलाह दी जाती है।
नारियल और सिंदूर का अनादर न करें
सनातन धर्म में नारियल को मंगल और शुभता का प्रतीक माना गया है। वहीं सिंदूर को मां दुर्गा और मां लक्ष्मी की कृपा का माध्यम माना जाता है। सड़क पर पड़ा हुआ नारियल या सिंदूर पैर से कुचलना परिवार में अशांति और दरिद्रता का कारण बन सकता है। इन चीजों को अनादर की दृष्टि से नहीं देखना चाहिए।
क्या करें यदि ऐसी वस्तुएं दिखें?
मान्यताओं के अनुसार, यदि मार्ग में कोई भी शुभ वस्तु पड़ी मिले, तो उसका अपमान करने से बचें। यदि आपके लिए संभव हो, तो उस वस्तु को उठाकर किसी स्वच्छ स्थान पर रख दें। हालांकि, यदि कोई अनजान वस्तु हो, तो उसे सीधे हाथ लगाने से बचें। ऐसे में सबसे उचित यही है कि आप बिना उस वस्तु को छुए रास्ता बदलकर निकल जाएं और मन ही मन भगवान से अपनी अनजाने में हुई गलती के लिए क्षमा मांग लें। सतर्कता और श्रद्धा के साथ किया गया यह छोटा सा बदलाव नकारात्मक प्रभाव से आपकी रक्षा कर सकता है।
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