जून महासंयोग: 15 जून को 30 वर्षों बाद बनेगा सोमवती अमावस्या और अधिकमास का अनोखा योग, इस दिन करें ये 3 उपाय धर्म एक घंटा पहले 2
15 जून को सोमवती अमावस्या और अधिकमास का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो ज्योतिष के अनुसार पूरे 30 साल बाद आ रहा है। इस शुभ दिन पर भगवान विष्णु और शिव की आराधना के साथ तीन खास उपाय करने से जीवन की बाधाएं दूर होने की मान्यता है।

जून महासंयोग 2026: आने वाली 15 जून का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है। इस दिन सोमवती अमावस्या और अधिकमास एक साथ पड़ रहे हैं, जिससे एक दुर्लभ महासंयोग बन रहा है। ज्योतिषियों के अनुसार ऐसा शुभ योग पूरे 30 सालों बाद बनने जा रहा है। माना जाता है कि इस अवसर पर भगवान विष्णु और महादेव की उपासना अत्यंत फलदायी होती है। यदि इस दिन तीन विशेष उपाय किए जाएं तो जीवन की हर समस्या से मुक्ति मिल सकती है। आइए जानते हैं ये उपाय कौन-से हैं।

15 जून को अवश्य करें ये 3 काम

सोमवती अमावस्या और अधिकमास के इस शुभ संयोग में 15 जून को भगवान विष्णु और भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करें। उन्हें खीर, मालपुआ, फल और मिठाई आदि का भोग अर्पित करें। इसके साथ ही नीचे बताए गए तीन उपाय करना न भूलें। मान्यता है कि इन उपायों को करने से व्यक्ति की सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

1. पवित्र स्नान

इस दिन किसी पवित्र नदी में स्नान अवश्य करें। यदि नदी में स्नान संभव न हो तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान कर लें। कहा जाता है कि अधिकमास और सोमवती अमावस्या के इस शुभ संयोग में पवित्र स्नान करने से व्यक्ति को उसके समस्त पापों से छुटकारा मिलता है और पितरों की आत्मा को भी शांति प्राप्त होती है। इसके लिए सूर्योदय से पहले उठ जाएं और स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य अवश्य दें। माना जाता है कि इस उपाय से जीवन की सारी बाधाएं समाप्त हो जाती हैं।

2. तर्पण और दान

अमावस्या के दिन पितरों का तर्पण करने का विशेष महत्व बताया गया है। चूंकि 15 जून को अधिकमास की सोमवती अमावस्या है, इसलिए इस दिन पितरों की शांति के उपाय करना बेहद लाभकारी माना जाता है। इस अवसर पर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके अपने पितरों के नाम से जल अर्पित करें। इसके बाद किसी जरूरतमंद को अनाज, काले तिल और वस्त्रों का दान करें।

3. पीपल के पेड़ की पूजा

अमावस्या की शाम को पीपल के पेड़ की जड़ में काले तिल मिला हुआ जल अवश्य अर्पित करें। इसके बाद वहीं घी का दीपक जलाएं और फिर पेड़ की 11 या 108 बार परिक्रमा करें। मान्यता है कि इस उपाय से समस्त देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है। चाहें तो पीपल के पेड़ पर पानी में कच्चा दूध मिलाकर भी चढ़ा सकते हैं।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!