अधिक मास की मासिक शिवरात्रि आज, दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र के पाठ से दूर होगी आर्थिक तंगी और पैसों की कमी! धर्म 2 घंटे पहले 2
आज 13 जून को अधिक मास में पड़ रही मासिक शिवरात्रि पर करीब 27 साल बाद महासंयोग बना है। मान्यता है कि नियमपूर्वक दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र का पाठ करने से व्यक्ति को कभी पैसों की तंगी का सामना नहीं करना पड़ता।

Daridra Dahan Shiv Stotra: आज, 13 जून को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जा रहा है। भगवान महादेव और मां पार्वती को समर्पित यह उपवास हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को किया जाता है। इस वर्ष ज्येष्ठ माह में मासिक शिवरात्रि अधिक मास में पड़ रही है, जिसके चलते इसका महत्व और भी अधिक बढ़ गया है। यदि आप लंबे समय से कर्ज या आर्थिक तंगी से परेशान चल रहे हैं, तो यह दिन आपके लिए बेहद शुभ अवसर साबित हो सकता है। मान्यता है कि इस पावन दिन पर विशेष शिव स्तोत्र का पाठ करके आर्थिक परेशानियों से मुक्ति पाई जा सकती है। यहां जानिए संपूर्ण दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र और इससे जुड़े जरूरी नियम।

शुभ संयोग में करें दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र का पाठ

इस बार मासिक शिवरात्रि पर करीब 27 साल बाद महासंयोग बन रहा है। चतुर्दशी तिथि 13 जून को शाम 4 बजकर 8 मिनट से शुरू होकर 14 जून को दोपहर 12 बजकर 19 मिनट तक रहेगी। ऐसे में इस दिन भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर उनकी विशेष कृपा प्राप्त करने का अवसर बिल्कुल भी न गंवाएं। पौराणिक शास्त्रों में 'दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र' का उल्लेख मिलता है। भगवान शिव को समर्पित इस स्तोत्र में कुल 9 श्लोक हैं। ऐसा माना जाता है कि नियमों का पालन करते हुए इस स्तोत्र का पाठ करने वाले व्यक्ति को कभी धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता।

दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र पाठ के नियम

  • धर्म शास्त्रों के अनुसार, व्यक्ति को जल्दबाजी में अथवा केवल किसी के कहने पर दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र का पाठ नहीं करना चाहिए।
  • इस स्तोत्र का पाठ करते समय मन को पूरी तरह शांत रखना आवश्यक है।
  • दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र के शब्दों का उच्चारण कभी गलत नहीं होना चाहिए।
  • मान्यता है कि इस स्तोत्र का पाठ बीच में गलती से भी अधूरा नहीं छूटना चाहिए, अन्यथा व्यक्ति महापाप का भागी बन सकता है।
  • लगातार 40 दिन तक सुबह-शाम 108 बार इस स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। इससे शिव जी की कृपा प्राप्त होती है और आर्थिक समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र (Daridra Dahan Shiv Stotra)

विश्वेश्वराय नरकार्णव तारणाय, कणामृताय शशिशेखरधारणाय।
कर्पूरकान्तिधवलाय जटाधराय, दारिद्र्य दुःखदहनाय नमः शिवाय॥

गौरीप्रियाय रजनीशकलाधराय, कालान्तकाय भुजगाधिपकङ्कणाय।
गंगाधराय गजराजविमर्दनाय, दारिद्र्य दुःखदहनाय नमः शिवाय॥

भक्तिप्रियाय भवरोगभयापहाय, उग्राय दुर्गभवसागरतारणाय।
ज्योतिर्मयाय गुणनामसुनृत्यकाय, दारिद्र्य दुःखदहनाय नमः शिवाय॥

चर्मम्बराय शवभस्मविलेपनाय, भालेक्षणाय मणिकुण्डलमण्डिताय।
मंझीरपादयुगलाय जटाधराय, दारिद्र्य दुःखदहनाय नमः शिवाय॥

पञ्चाननाय फणिराजविभूषणाय, हेमांशुकाय भुवनत्रयमण्डिताय।
आनन्दभूमिवरदाय तमोमयाय, दारिद्र्य दुःखदहनाय नमः शिवाय॥

भानुप्रियाय भवसागरतारणाय, कालान्तकाय कमलासनपूजिताय।
नेत्रत्रयाय शुभलक्षण लक्षिताय, दारिद्र्य दुःखदहनाय नमः शिवाय॥

रामप्रियाय रघुनाथवरप्रदाय, नागप्रियाय नरकार्णवतारणाय।
पुण्येषु पुण्यभरिताय सुरार्चिताय, दारिद्र्य दुःखदहनाय नमः शिवाय॥

मुक्तेश्वराय फलदाय गणेश्वराय, गीतप्रियाय वृषभेश्वरवाहनाय।
मातङ्गचर्मवसनाय महेश्वराय, दारिद्र्य दुःखदहनाय नमः शिवाय॥

वसिष्ठेन कृतं स्तोत्रं सर्वरोगनिवारणं। सर्वसंपत्करं शीघ्रं पुत्रपौत्रादिवर्धनम्।
त्रिसंध्यं यः पठेन्नित्यं स हि स्वर्गमवाप्नुयात्॥

॥ इति वसिष्ठ विरचितं दारिद्र्यदहनशिवस्तोत्रं सम्पूर्णम्॥

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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