ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत: सोमवार को मनाई जाएगी पूर्णिमा, जानें पंचांग और शुभ मुहूर्त धर्म एक घंटा पहले 2
ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर सोमवार को व्रत रखा जाएगा, इस दिन स्नान-दान का विशेष महत्व है और संत कबीर दास जयंती भी मनाई जाएगी।

ज्येष्ठ पूर्णिमा की तिथि और महत्व

आगामी 29 जून 2026 को ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है और इस दिन सोमवार का शुभ संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा की तिथि आज पूरे दिन और रात को पार करते हुए कल सुबह 5 बजकर 27 मिनट तक बनी रहेगी। यह दिन स्नान, दान और धार्मिक व्रतों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। साथ ही, यह पावन दिन संत कबीर दास जी की जयंती के रूप में भी मनाया जाएगा। आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार, इस दिन दोपहर 2 बजकर 27 मिनट तक शुक्ल योग रहेगा और मूल नक्षत्र का प्रभाव अगले दिन भोर 4 बजकर 4 मिनट तक बना रहेगा।

29 जून 2026 का पंचांग

  • ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा: कल सुबह 5 बजकर 27 मिनट तक।
  • शुक्ल योग: दोपहर 2 बजकर 27 मिनट तक।
  • मूल नक्षत्र: कल भोर 4 बजकर 4 मिनट तक।
  • विशेष: इस दिन पूर्णिमा व्रत रखा जाएगा।

शुभ मुहूर्त की जानकारी

धार्मिक कार्यों और पूजा-पाठ के लिए दिन भर के शुभ मुहूर्त नीचे दिए गए हैं:

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:38 से 05:21 तक।
  • अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:15 से 01:08 तक।
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:55 से 03:48 तक।
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:19 से 07:40 तक।
  • अमृत काल: रात 08:53 से 10:40 तक।

विभिन्न शहरों में राहुकाल

ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल के दौरान मांगलिक कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। प्रमुख शहरों में इसका समय इस प्रकार है:

  • दिल्ली: सुबह 07:11 से 08:55 तक।
  • मुंबई: सुबह 07:44 से 09:23 तक।
  • चंडीगढ़: सुबह 07:09 से 08:55 तक।
  • लखनऊ: सुबह 06:59 से 08:43 तक।
  • भोपाल: सुबह 07:19 से 09:00 तक।
  • कोलकाता: सुबह 06:36 से 08:17 तक।
  • अहमदाबाद: सुबह 07:38 से 09:20 तक।
  • चेन्नई: सुबह 07:22 से 08:59 तक।

सूर्योदय और सूर्यास्त

इस दिन सूर्योदय सुबह 5:25 बजे होगा और सूर्यास्त का समय शाम 7:22 बजे निर्धारित है।

ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत का विशेष स्थान है। भक्त इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं ताकि उनकी कृपा प्राप्त हो सके। यह दिन आध्यात्मिक उन्नति, दान-पुण्य और मानसिक शांति के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। विधि-विधान से व्रत और अनुष्ठान करने से पारिवारिक जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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