नेपाल के चिलिमे टनल बचाव अभियान में तेजी: भारतीय सेना और NDRF का संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन विश्व एक घंटा पहले 3
नेपाल के चिलिमे में टनल के अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है, जिसमें भारतीय विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।

चिलिमे टनल में बचाव कार्यों का विस्तार

26 अगस्त को आई भारी तबाही और बाढ़ के बाद नेपाल के चिलिमे इलाके में स्थित एक टनल में फंसे लोगों को बचाने के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन ने अब जोर पकड़ लिया है। इस कठिन अभियान को सफल बनाने के लिए भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमें संयुक्त रूप से काम कर रही हैं। इन सभी एजेंसियों का मुख्य लक्ष्य टनल के उस हिस्से तक पहुंचना है जो मलबा आने के कारण पूरी तरह से बंद हो गया है।

तकनीकी और रणनीतिक मदद

रेस्क्यू टीम अत्यंत संकरी और जोखिम भरी परिस्थितियों में टनल के अंदर प्रवेश करने की कोशिश कर रही है। नेपाल की सेना के साथ मिलकर भारतीय सुरक्षा बल और आपदा प्रबंधन टीमें सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। टनल के भीतर की सटीक जानकारी हासिल करने के लिए एंडोस्कोपिक कैमरों का उपयोग किया जा रहा है। इन आधुनिक उपकरणों से प्राप्त पहली तस्वीरों के आधार पर भीतर की स्थिति का विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि बचाव का रास्ता सुरक्षित बनाया जा सके। इस चुनौतीपूर्ण मिशन में ऑस्ट्रेलिया के प्रसिद्ध टनल विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स भी अपनी तकनीकी सलाह और अनुभव के साथ बचाव दल का मार्गदर्शन कर रहे हैं।

कर्नल परीक्षित मेहरा का अनुभव

इस पूरे बचाव अभियान की कमान कर्नल परीक्षित मेहरा के हाथों में है। कर्नल मेहरा का टनल रेस्क्यू में एक लंबा अनुभव रहा है। इससे पहले वे उत्तराखंड के चर्चित सिल्क्यारा टनल हादसे में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं, जहां 18 दिनों तक चले कठिन अभियान के बाद 41 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। इसके अलावा वे अरुणाचल प्रदेश की सेला टनल के निर्माण कार्यों से भी जुड़े रहे हैं। उनकी कार्यशैली और तकनीकी समझ को देखते हुए इस ऑपरेशन में उनकी मौजूदगी को बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वैकल्पिक मार्ग की तैयारी

टनल का एक बड़ा हिस्सा अवरुद्ध होने के कारण बचाव दल अब एक वैकल्पिक मार्ग तैयार करने पर पूरी ऊर्जा लगा रहा है। BRO और अन्य तकनीकी विशेषज्ञों की टीम इस रास्ते को सुरक्षित बनाने के काम में दिन-रात जुटी है। बचाव एजेंसियों की सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में फंसे लोगों तक जल्द से जल्द पहुंच बनाना है ताकि उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। फिलहाल सभी टीमें आपसी समन्वय के साथ इस आपदा से निपटने के लिए डटी हुई हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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