NDA से निकलीं पहली महिला कैडेट्स रचेंगी इतिहास, IMA से बनेंगी लेफ्टिनेंट, पुरुष कैडेट्स संग पूरा किया कठिन प्रशिक्षण भारत एक महीने पहले 19
13 जून को देहरादून की Indian Military Academy में होने वाली पासिंग आउट परेड में पहली बार NDA से प्रशिक्षित महिला कैडेट्स भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन पाएंगी। करीब 8 से 9 महिला कैडेट्स लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त होंगी।

भारतीय सैन्य इतिहास में जल्द ही एक नया और अहम अध्याय जुड़ने जा रहा है। 13 जून को देहरादून स्थित Indian Military Academy में होने वाली पासिंग आउट परेड में पहली बार National Defence Academy (NDA) के रास्ते सेना तक पहुंचीं महिला कैडेट्स अपने पुरुष साथियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रशिक्षण पूरा करने के बाद भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन हासिल करेंगी।

लेफ्टिनेंट के पद पर मिलेगी नियुक्ति

इस ऐतिहासिक बैच में करीब 8 से 9 महिला कैडेट्स शामिल हैं, जो पासिंग आउट परेड के बाद भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त की जाएंगी। यह पहला अवसर होगा जब NDA में प्रशिक्षण लेने के बाद महिला कैडेट्स IMA से पास आउट होकर नियमित अधिकारी के तौर पर सेना का हिस्सा बनेंगी।

पुरुष साथियों के बराबर मानकों पर प्रशिक्षण

पूरे प्रशिक्षण काल के दौरान इन महिला कैडेट्स ने अपने पुरुष साथियों के साथ बिल्कुल समान मानकों पर तैयारी की। चाहे कठिन बैटल ऑब्स्टेकल्स रहे हों, जंगल सर्वाइवल कोर्स, सैन्य अभ्यास या फिर शारीरिक और सामरिक प्रशिक्षण, इन्होंने हर चुनौती का सामना उसी उत्साह, दृढ़ता और पेशेवर दक्षता के साथ किया।

हर सैन्य परीक्षा और प्रशिक्षण चरण को किया पार

खास बात यह है कि भारतीय सेना में पुरुष और महिला कैडेट्स के प्रशिक्षण के मानक एक जैसे रखे गए हैं। इन कैडेट्स ने उन सभी सैन्य परीक्षाओं और प्रशिक्षण चरणों को सफलतापूर्वक पूरा किया है, जिन्हें एक अधिकारी बनने के लिए जरूरी माना जाता है।

पासिंग आउट परेड में शामिल होंगी राष्ट्रपति मुर्मु

इस ऐतिहासिक मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु स्वयं पासिंग आउट परेड में उपस्थित रहेंगी और युवा अधिकारियों को संबोधित करेंगी। यह आयोजन भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रतीक तो है ही, इसे सशस्त्र बलों में समान अवसर और पेशेवर उत्कृष्टता की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि भी माना जा रहा है। इन युवा अधिकारियों की सफलता आने वाली पीढ़ियों की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और भारतीय सेना के बदलते स्वरूप को एक नई पहचान देगी।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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