महाराष्ट्र
7 घंटे पहले
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महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई तालुका स्थित नालासोपारा इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक जन्मदिन समारोह के दौरान परोसा गया केक खाते ही कुल 11 लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। आशंका जताई जा रही है कि यह फूड पॉइजनिंग का मामला है। इस बीच, पीड़ित परिवार ने दावा किया है कि केक के डिब्बे के भीतर एक मरी हुई छिपकली मिली है। हालांकि, स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
खुशी का माहौल अचानक मातम जैसी स्थिति में बदला
यह पूरी घटना नालासोपारा पूर्व में स्थित नीलकंठेश्वर इमारत की है। शुक्रवार की शाम तकरीबन 5 से 6 बजे के बीच यहां एक बच्चे के जन्मदिन का उत्सव मनाया जा रहा था। इस दौरान मेहमानों और बच्चों को खाने के लिए केक दिया गया। केक खाने के कुछ ही समय बाद वहां मौजूद लोगों को असहजता महसूस होने लगी। देखते ही देखते कई लोगों को उल्टी, पेट दर्द, जी मिचलाना और तेज सिरदर्द की शिकायत होने लगी। स्थिति बिगड़ते देख रात लगभग 8 बजे आनन-फानन में सभी बीमार लोगों को इलाज के लिए नालासोपारा के विजयलक्ष्मी अस्पताल ले जाया गया।
विजयलक्ष्मी अस्पताल में भर्ती पीड़ितों का विवरण
अस्पताल प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, इस घटना में बीमार हुए कुल 11 लोगों को भर्ती कराया गया है। इनमें मासूम बच्चों से लेकर महिलाएं भी शामिल हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों की सूची इस प्रकार है:
- उर्मिला वर्मा (उम्र 32 वर्ष)
- सलोनी गुप्ता (उम्र 16 वर्ष)
- सुदीक्षा शाह (उम्र 19 वर्ष)
- आफिया इद्रीस (उम्र 24 वर्ष)
- रूबी शाह (उम्र 40 वर्ष)
- शिव गुप्ता (उम्र 10 वर्ष)
- प्रियांश वर्मा (उम्र 2 वर्ष)
- परी यादव (उम्र 7 वर्ष)
- प्रिया वर्मा (उम्र 8 वर्ष)
- रुद्र शाह (उम्र 13 वर्ष)
- प्राची यादव (उम्र 8 वर्ष)
मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति और डॉक्टरों का बयान
विजयलक्ष्मी अस्पताल की संचालिका डॉक्टर विद्या सावंत ने इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि अस्पताल में कुल 11 मरीजों का इलाज चल रहा है। इन मरीजों में 7 बच्चे और 4 वयस्क शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से 3 मरीजों की हालत बेहद नाजुक थी, जिसके चलते उन्हें आईसीयू (ICU) में भर्ती करना पड़ा। बाकी के 8 मरीजों का इलाज सामान्य वार्ड में किया जा रहा है। डॉक्टर सावंत के अनुसार, वर्तमान में सभी मरीजों की हालत स्थिर बनी हुई है और वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं। इस अप्रत्याशित हादसे से बच्चों के माता-पिता बेहद डरे और सहमे हुए हैं और वे लगातार डॉक्टरों से परामर्श ले रहे हैं।
खाद्य सुरक्षा और जांच पर उठे बड़े सवाल
इस दिल दहला देने वाले मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है। अब सभी की निगाहें खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) और स्थानीय पुलिस प्रशासन की जांच पर टिकी हैं। विभाग द्वारा केक के नमूने एकत्र किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद ही फूड पॉइजनिंग के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा और दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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