बिहार
एक घंटा पहले
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इलाके की सबसे पुरानी मेडिकल दुकान
नालंदा जिले के कराय परसुराय प्रखंड बाजार में स्थित यह दवा की दुकान एक ऐतिहासिक विरासत बन चुकी है। करीब 100 साल पुरानी इस दुकान का इतिहास काफी संघर्षपूर्ण रहा है। एक समय था जब इस क्षेत्र में दूर-दूर तक कोई मेडिकल स्टोर नहीं हुआ करता था। उस दौरान यदि यह दुकान बंद हो जाती थी, तो स्थानीय लोगों को जरूरी दवाइयों के लिए करीब 20 किमी दूर हिलसा या फतुहा तक जाना पड़ता था।
शुरुआत और संघर्ष की कहानी
दुकान के संचालक शशि भूषण ने बताया कि उनके पिता ने बहुत ही सीमित संसाधनों के साथ इस मेडिकल शॉप की नींव रखी थी। उन्होंने बताया कि इस दुकान की शुरुआत केवल 10,000 रुपये के निवेश से एक छोटी सी झोपड़ी में हुई थी। उनके पिता ने बी फार्मा की पढ़ाई पूरी करने के बाद ड्रग लाइसेंस प्राप्त किया और पूरी ईमानदारी से सेवा भाव के साथ इस काम को आगे बढ़ाया। यही कारण है कि आज यह दुकान इस पूरे इलाके में भरोसे का दूसरा नाम बन गई है।
क्यों खास है यह मेडिकल स्टोर
- 24 घंटे उपलब्धता: यह दुकान पूरे इलाके में इकलौती ऐसी मेडिकल शॉप है, जो 24 घंटे खुली रहती है, ताकि आपातकालीन स्थिति में लोगों को दवा मिल सके।
- हर तरह की दवा का स्टॉक: यहां अंग्रेजी, आयुर्वेदिक और वेटनरी (पशुओं की दवाएं) सहित सभी प्रकार की दवाइयां उपलब्ध रहती हैं।
- नियमों का पालन: दुकान संचालकों का कहना है कि वे बिना डॉक्टर की पर्ची के किसी को भी दवा नहीं देते हैं, जो उनकी व्यावसायिक पारदर्शिता और जिम्मेदारी को दर्शाता है।
आज स्थिति यह है कि इस दुकान की लोकप्रियता के कारण लोग 10 किमी से अधिक की दूरी तय करके यहां दवा खरीदने पहुंचते हैं। 1929 में जब यह दुकान खुली थी, तब से लेकर आज तक इसका लक्ष्य केवल आम जनता को सही कीमत पर उचित दवा उपलब्ध कराना रहा है।
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