नैनीताल में दिवाली पर इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार सुस्त: ऑनलाइन शॉपिंग और महंगाई की मार से 50 प्रतिशत तक घटी बिक्री उत्तराखंड एक घंटा पहले 4
दिवाली का त्योहार नजदीक आने के बावजूद नैनीताल के बाजारों में सन्नाटा देखा जा रहा है। स्थानीय कारोबारियों के अनुसार ऑनलाइन शॉपिंग और महंगाई की वजह से इस फेस्टिव सीजन में इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार में 30 से 50 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है।

सरोवर नगरी में त्योहार की चमक पड़ी फीकी

दीपोत्सव का त्योहार बेहद नजदीक आ चुका है, लेकिन सरोवर नगरी नैनीताल के बाजारों में इस बार वह पारंपरिक चहल-पहल और रौनक नदारद है। हर साल धनतेरस और दिवाली से कई दिन पहले ही बाजारों में ग्राहकों का तांता लग जाता था, लेकिन इस बार इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों की स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है। टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक सामानों की बिक्री काफी घट गई है। स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों का कहना है कि इस फेस्टिव सीजन में इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार में करीब 30 से 50 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

ऑनलाइन डिस्काउंट और ऑफर्स ने बिगाड़ा गणित

स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि पारंपरिक व्यापार में आई इस मंदी के पीछे ऑनलाइन शॉपिंग का बढ़ता चलन सबसे बड़ी वजह है। आजकल उपभोक्ता दुकानों पर जाने और विक्रेताओं से सीधे बातचीत करने के बजाय अपने मोबाइल फोन और इंटरनेट के माध्यम से विभिन्न कंपनियों के उत्पादों की कीमतों की तुलना करते हैं। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर मिलने वाले लुभावने डिस्काउंट, स्पेशल ऑफर्स और कैशबैक के कारण लोग इंटरनेट के जरिए ही खरीदारी करना अधिक पसंद कर रहे हैं। इस बदलते व्यवहार के कारण नैनीताल के बड़ा बाजार समेत अन्य प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में ग्राहकों की आवाजाही पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

दुकानों में सजा स्टॉक, पर ग्राहक नदारद

त्योहार को ध्यान में रखते हुए नैनीताल के बड़ा बाजार और आसपास के इलेक्ट्रॉनिक व्यवसायियों ने टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, मिक्सर और कई प्रकार के घरेलू उपकरणों का नया स्टॉक जमा कर रखा है। इसके बावजूद दुकानों तक खरीदारों की पहुंच बेहद सीमित बनी हुई है। दुकानदारों का कहना है कि बीते वर्षों में दिवाली से काफी समय पहले ही लोग नई चीजें खरीदने के लिए दुकानों का रुख कर लेते थे और धनतेरस के दिन तो दुकानों के भीतर पैर रखने तक की जगह नहीं बचती थी। हालांकि इस बार त्योहारी सीजन के ऐन वक्त पर भी बाजारों में उम्मीद के मुताबिक भीड़ देखने को नहीं मिल रही है।

महंगाई की मार और धनतेरस से बंधी उम्मीदें

कारोबार में गिरावट के पीछे महंगाई को भी एक अहम कारण माना जा रहा है। दैनिक जरूरतों की चीजों के दाम बढ़ने के कारण आम लोगों के बजट पर असर पड़ा है, जिससे वे महंगे इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों की खरीदारी को टाल रहे हैं। कुछ व्यापारियों का कहना है कि उनका कारोबार बीते सालों की तुलना में 50 प्रतिशत तक नीचे चला गया है, जबकि औसतन यह गिरावट 30 प्रतिशत के आसपास आंकी जा रही है। इन सब विपरीत परिस्थितियों के बावजूद स्थानीय दुकानदारों को उम्मीद है कि धनतेरस के मुख्य दिन और आने वाले वीकेंड पर ग्राहक खरीदारी के लिए बाहर निकलेंगे, जिससे मंदी दूर हो सकेगी और बिक्री में सुधार देखने को मिलेगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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