अभिनय में करियर बनाने का सुनहरा मौका, नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में प्रवेश के लिए ऐसे करें आवेदन उत्तराखंड एक महीने पहले 61
अगर आप एक्टिंग के क्षेत्र में अपना भविष्य संवारना चाहते हैं, तो प्रतिष्ठित नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) आपके लिए बेहतरीन विकल्प है। जानिए प्रवेश प्रक्रिया और जरूरी पात्रता के बारे में विस्तार से।

अभिनय की दुनिया में कदम रखने का सपना

अगर आप अभिनय में करियर बनाने का जुनून रखते हैं, तो थिएटर इसके लिए सबसे मजबूत आधार है। उत्तराखंड के नैनीताल में सक्रिय युगमंच जैसी संस्थाएं लगातार ऐसे कलाकारों को तराश रही हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमा रहे हैं। अब तक इस संस्था के 17 कलाकार नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) में दाखिला लेकर नैनीताल का गौरव बढ़ा चुके हैं। एनएसडी फैकल्टी का मानना है कि अभिनय की बारीकियां सीखने के लिए थिएटर से शुरुआत करना सबसे प्रभावी है, क्योंकि यह कलाकार के आत्मविश्वास और कौशल को निखारता है।

प्रवेश प्रक्रिया और पात्रता

एनएसडी में दाखिले के लिए प्रक्रिया की जानकारी देते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि प्रतिवर्ष मार्च से अप्रैल के बीच इसके लिए आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। इच्छुक छात्र संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपना फॉर्म भर सकते हैं।

  • शैक्षणिक योग्यता: प्रवेश के लिए उम्मीदवार का स्नातक होना अनिवार्य है।
  • थिएटर का अनुभव: अभ्यर्थी के पास कम से कम 6 नाटकों में काम करने का अनुभव होना चाहिए।
  • कोर्स की अवधि: यह 3 वर्षीय रेजिडेंशियल डिप्लोमा कोर्स है, जिसमें निर्देशन, अभिनय, मंच सज्जा और थिएटर की कला सिखाई जाती है।

चयन प्रक्रिया के दो चरण

एनएसडी में प्रवेश पाना काफी प्रतिस्पर्धी होता है, क्योंकि देशभर से हर साल केवल 33 सीटों के लिए ही चयन किया जाता है। चयन प्रक्रिया मुख्य रूप से दो चरणों में पूरी होती है:

  • लिखित परीक्षा: यह 30 अंकों की ऑब्जेक्टिव परीक्षा होती है, जिसमें नाटक और रंगमंच से संबंधित ज्ञान को परखा जाता है।
  • प्रैक्टिकल ऑडिशन: यह 80 अंकों का होता है, जिसमें उम्मीदवार की संवाद अदायगी, अभिव्यक्ति और मंच पर प्रस्तुति का मूल्यांकन किया जाता है।

निःशुल्क शिक्षा और छात्रवृत्ति

एनएसडी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां छात्रों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को भारत सरकार की ओर से 9,500 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति के रूप में मिलते हैं। इसके साथ ही छात्रों को हॉस्टल और मेस की सुविधा भी दी जाती है। चूंकि यह एक रेजिडेंशियल कोर्स है, इसलिए छात्रों को अनिवार्य रूप से संस्थान के परिसर में ही रहकर अपना प्रशिक्षण पूरा करना होता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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