उत्तराखंड
एक घंटा पहले
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विचारों
कैंची धाम में बढ़ी रौनक
उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित प्रसिद्ध कैंची धाम में आजकल श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा देखने को मिल रहा है। बाबा नीम करौली महाराज की महिमा से तो दुनिया पहले से ही परिचित है, लेकिन हाल ही में रिलीज हुई फिल्म हनुमान अंश ने लोगों के मन में इस स्थान को लेकर जिज्ञासा की एक नई लहर पैदा कर दी है। फिल्म में बाबा के जीवन और उनके चमत्कारों को जिस तरह से दिखाया गया है, उसने देश के कोने-कोने से पर्यटकों को इस पवित्र धाम की ओर खींचने का काम किया है।
फिल्म ने जगाई आस्था की लौ
फिल्म देखने के बाद आम जनता के बीच बाबा नीम करौली महाराज के प्रसंगों को जानने की उत्सुकता काफी बढ़ गई है। जो लोग पहले केवल सुना करते थे, वे अब खुद यहां आकर बाबा की ऊर्जा और वहां व्याप्त शांति को महसूस करना चाहते हैं। ग्वालियर से नैनीताल पहुंचे पर्यटक आर्यन ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने करीब एक सप्ताह पहले हनुमान अंश देखी थी। फिल्म ने उनके हृदय पर गहरी छाप छोड़ी और उसी पल उन्होंने कैंची धाम जाने का निर्णय लिया।
आर्यन के अनुसार, फिल्म देखते समय उन्हें ऐसा प्रतीत हुआ जैसे वे खुद उन घटनाओं के साक्षी बन रहे हों। कैंची धाम पहुंचकर बाबा के दर्शन करने के बाद उनकी यह इच्छा और प्रबल हो गई है। उन्होंने आशा जताई कि फिल्म का अगला भाग भी जल्द आए, ताकि बाबा के जीवन के अनछुए पहलुओं और घटनाओं को और अधिक विस्तार से समझा जा सके। आर्यन ने न केवल कैंची धाम के दर्शन किए, बल्कि नैनीताल के मां नयना देवी मंदिर में भी मत्था टेका और भीमताल की सुंदरता का भी आनंद लिया।
शांति की तलाश में पहुंच रहे भक्त
ग्वालियर से ही आए एक अन्य पर्यटक प्रवीण का कहना है कि वे काफी समय से कैंची धाम आना चाहते थे, लेकिन फिल्म ने उनके इस संकल्प को पूरा कर दिया। उन्होंने बताया कि कैंची धाम और आसपास के क्षेत्रों में उन्हें एक अनोखी मानसिक शांति का अनुभव हुआ। प्रवीण ने कैंची धाम के साथ-साथ गोलू देवता मंदिर और नैनीताल के प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा भी की है। उनके जैसे कई पर्यटक अब इन स्थानों को अपनी यात्रा का अनिवार्य हिस्सा बना रहे हैं।
स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिला बूस्ट
कैंची धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का सीधा सकारात्मक असर नैनीताल के पर्यटन उद्योग पर पड़ रहा है। नैनी झील, माल रोड और स्थानीय बाजारों में पर्यटकों की चहल-पहल से होटल व्यवसायियों, टैक्सी चालकों और दुकानदारों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। नाव चालक वीरेंद्र पवार ने बताया कि हनुमान अंश फिल्म के आने के बाद से नैनी झील में नौकायन करने वालों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि फिल्म में जिस तरह से बाबा नीम करौली के चमत्कारों का चित्रण किया गया है, उसने लोगों के मन में श्रद्धा के साथ-साथ उत्सुकता भी बढ़ा दी है।
होटल एसोसिएशन की मांग और सुझाव
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट का मानना है कि इस फिल्म ने कैंची धाम को पर्यटन के लिहाज से एक नया आयाम दिया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि धार्मिक विषयों पर बनने वाली फिल्मों को कर मुक्त (टैक्स फ्री) करने पर विचार करना चाहिए, ताकि ऐसी फिल्में अधिक से अधिक दर्शकों तक पहुंच सकें।
दिग्विजय सिंह बिष्ट ने आगे सुझाव देते हुए कहा कि सरकार को उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों और वहां की समृद्ध मान्यताओं पर आधिकारिक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनानी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि:
- धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय कहानियों को प्रभावी ढंग से दुनिया के सामने लाना आवश्यक है।
- नैनीताल के प्रसिद्ध मां नयना देवी मंदिर जैसी धरोहरों पर भी डॉक्यूमेंट्री फिल्में बननी चाहिए।
- दिसंबर के महीने में पर्यटन को गति देने के लिए सरकार को नैनीताल विंटर कार्निवल को आधिकारिक पर्यटन कैलेंडर में शामिल करना चाहिए।
कुल मिलाकर, हनुमान अंश फिल्म ने न केवल बाबा नीम करौली की भक्ति को नई पीढ़ी से जोड़ने का काम किया है, बल्कि कैंची धाम और नैनीताल के लिए पर्यटन के नए द्वार भी खोल दिए हैं। आने वाले समय में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन का यह मॉडल उत्तराखंड की आर्थिकी को और मजबूती देने में सहायक सिद्ध हो सकता है।
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