मुजफ्फरपुर में नीट पेपर लीक विरोध के कारण इंटरनेट पर रोक, 26 जुलाई तक सेवाएं रहेंगी बाधित बिहार एक महीने पहले 39
नीट परीक्षा के पेपर लीक को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से इंटरनेट सेवाओं को अस्थाई रूप से बंद कर दिया है। यह प्रतिबंध 26 जुलाई की सुबह तक प्रभावी रहेगा और इसका उद्देश्य अफवाहों के प्रसार को रोकना है।

मुजफ्फरपुर में इंटरनेट सेवाएं क्यों की गई हैं बंद

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में नीट पेपर लीक मामले को लेकर हो रहे व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने एक कड़ा कदम उठाया है। बिहार सरकार के गृह विभाग ने अफवाहों के फैलने और भड़काऊ सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाने का फैसला लिया है। जिला प्रशासन की सिफारिश पर मुजफ्फरपुर के टाउन-1 और टाउन-2 पुलिस अनुमंडल क्षेत्रों में 24 जुलाई को दोपहर 12:30 बजे से मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है। यह प्रतिबंध 26 जुलाई की सुबह 10:00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

इस दौरान फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, एक्स और टेलीग्राम जैसे प्रमुख सोशल नेटवर्किंग और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स समेत 24 तरह की सेवाएं प्रभावित रहेंगी। हालांकि, सरकारी और प्रशासनिक कामकाज निर्बाध रूप से चलते रहें, इसके लिए आधिकारिक सरकारी इंटरनेट सेवाओं को इस दायरे से बाहर रखा गया है। पटना में हुए हालिया हंगामे और विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए मुजफ्फरपुर का स्थानीय प्रशासन किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या से बचने के लिए बेहद सतर्कता बरत रहा है।

अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन का कड़ा रुख

गृह विभाग के सचिव कुंदन कुमार द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह निर्णय मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मिली रिपोर्ट के बाद लिया गया है। प्रशासन को इस बात का अंदेशा है कि असामाजिक तत्व इंटरनेट और सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल कर समाज में अशांति फैला सकते हैं। आपत्तिजनक सामग्री और अफवाहें फैलाकर शांति व्यवस्था को नुकसान पहुँचाने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

कानूनी शक्तियों का प्रयोग

सार्वजनिक व्यवस्था और अमन-चैन बनाए रखने के लिए बिहार गृह विभाग ने 'दूरसंचार अधिनियम, 2023' की धारा 20 और 'दूरसंचार (सेवाओं का अस्थायी निलंबन) नियम, 2024' के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल किया है। सभी इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे इन नियमों का सख्ती से पालन करें और निर्धारित समय तक सेवाएं बंद रखें।

इन 24 सेवाओं पर रहेगा प्रतिबंध

प्रशासन की ओर से जिन प्रमुख सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को अस्थायी रूप से रोका गया है, उनमें शामिल हैं:

  • मैसेजिंग और सोशल मीडिया: व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट, टेलीग्राम और रेडिट।
  • अन्य ऐप्स: यूट्यूब, स्काइप, वाइबर, लाइन, पिंटरेस्ट, टम्बलर, वीचैट, क्यूज़ोन, बाइडू, फ़्लिकर, स्नेपटिश, वाइन, ज़ांगा और बुआनेट।
  • अन्य सेवाएं: सभी प्रकार की ब्रॉडबैंड संचार सेवाएं और बड़े पैमाने पर मैसेज भेजने वाले प्लेटफॉर्म्स।

अस्पतालों और बैंकों को मिली छूट

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम जनता को आवश्यक सेवाओं के लिए ज्यादा परेशानी न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। सरकारी आदेश में कहा गया है कि अस्पतालों, बैंकिंग सेवाओं और अन्य जरूरी आपातकालीन सेवाओं के लिए इंटरनेट सुविधा सामान्य रूप से काम करती रहेगी। मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को इस आदेश के पालन पर नजर रखने और स्थिति का जायजा लेने का निर्देश दिया गया है।

प्रशासन की जनता से अपील

इंटरनेट सेवा बाधित होने की स्थिति में प्रशासन ने लोगों को वॉयस कॉल और एसएमएस के माध्यम से संपर्क बनाए रखने की सलाह दी है। जनता से आग्रह किया गया है कि वे अपनी जरूरी बातचीत पहले से कर लें और किसी भी प्रकार की अफवाह पर भरोसा न करें। आपात स्थिति में आम लोग पुलिस और प्रशासनिक हेल्पलाइन नंबरों पर फोन कॉल कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सभी नागरिकों से पूर्ण सहयोग की अपील की है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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