महाराष्ट्र में गरबा आयोजनों पर वीएचपी का सख्त रुख, पहचान पत्र और तिलक के बिना नहीं मिलेगी एंट्री राष्ट्रीय राजनीति 5 घंटे पहले 2
नवरात्रि के गरबा और डांडिया आयोजनों को लेकर महाराष्ट्र में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है, जहां विश्व हिंदू परिषद ने पंडालों में मुस्लिम समुदाय के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए कड़े नियम जारी किए हैं।

त्योहारों का सीजन शुरू होने से ठीक पहले महाराष्ट्र में गरबा और डांडिया आयोजनों को लेकर एक बड़ा सियासी घमासान छिड़ गया है। विश्व हिंदू परिषद ने आगामी नवरात्रि उत्सव के दौरान होने वाले कार्यक्रमों में मुस्लिम समुदाय के लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगाने का एक सख्त फरमान जारी किया है।

प्रवेश के लिए तय किए गए कड़े नियम

विश्व हिंदू परिषद की ओर से कार्यक्रम के आयोजकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे पंडालों में आने वाले हर एक व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से सुनिश्चित करें। इसके लिए संगठन ने कुछ विशेष नियम लागू करने को कहा है ताकि किसी भी तरह की चूक न हो।

आयोजकों को दिए गए निर्देशों में निम्नलिखित बातें शामिल हैं:

  • प्रवेश द्वार पर हर व्यक्ति के पहचान पत्र यानी आईडी कार्ड की गहनता से जांच की जाए।
  • सभी आगंतुकों के माथे पर तिलक लगाया जाए।
  • इन प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद ही केवल हिंदू श्रद्धालुओं को पंडालों के भीतर प्रवेश की अनुमति दी जाए।

गैर-हिंदुओं के प्रवेश को रोकने की कवायद

विश्व हिंदू परिषद के इस कदम को गरबा पंडालों में मुस्लिम समुदाय के लोगों के प्रवेश को रोकने की एक बड़ी कवायद के रूप में देखा जा रहा है। संगठन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इन पवित्र सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों में केवल हिंदू समाज के लोग ही शामिल हों। इस फैसले के बाद से राज्य में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं और आयोजक अब इन निर्देशों को लागू करने की तैयारियों में जुट गए हैं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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