मुर्शिदाबाद में नाबालिग की शादी की कोशिश नाकाम, काजी पर केस; शुभेंदु अधिकारी ने कहा- 'जीरो टॉलरेंस' पश्चिम बंगाल 5 घंटे पहले 2
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए नाबालिग लड़की की बाल विवाह की कोशिश को नाकाम कर दिया है। इस मामले में लड़की के पिता को गिरफ्तार किया गया है और काजी के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले से बाल विवाह के खिलाफ एक बड़ी और बेहद सराहनीय कार्रवाई सामने आई है। यहां पुलिस और स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी के चलते एक नाबालिग लड़की के जीवन को समय रहते सुरक्षित कर लिया गया, जिसकी चोरी-छिपे शादी कराने की तैयारी की जा रही थी। राज्य सरकार की बाल विवाह के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम के तहत यह बड़ी कार्रवाई की गई है। इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अत्यंत कड़ा रुख अपनाया है और साफ तौर पर संदेश दिया है कि राज्य में नाबालिग बेटियों के अधिकारों और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यह घटना मुर्शिदाबाद जिले के धुलियान नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गाजीनगर इलाके की है, जहां बुधवार 9 सितंबर की रात को इस गैर-कानूनी प्रयास को नाकाम किया गया।

मुर्शिदाबाद में आधी रात को पुलिस की दबिश, रुकवाई गई शादी

यह पूरी घटना धुलियान नगर पालिका के वार्ड नंबर 9 के अंतर्गत गाजीनगर क्षेत्र की है। यहां रहने वाले एक परिवार द्वारा अपनी 16 साल की नाबालिग बेटी की शादी अत्यंत गोपनीय तरीके से कराने की साजिश रची जा रही थी। परिवार ने समाज और प्रशासन से इस बात को पूरी तरह छिपाकर रखा था, ताकि बिना किसी बाधा के यह बाल विवाह संपन्न कराया जा सके। हालांकि, स्थानीय सूत्रों के माध्यम से इसकी भनक पुलिस प्रशासन को लग गई। जैसे ही जंगीपुर पुलिस जिले के अंतर्गत आने वाले शमसेरगंज थाने की पुलिस को इस गुप्त विवाह की सूचना मिली, सुरक्षा बल बिना एक पल गंवाए सक्रिय हो गए।

पुलिस टीम तुरंत प्रशासनिक अधिकारियों को साथ लेकर मौके पर पहुंची और वहां चल रही विवाह की तैयारियों को बीच में ही रुकवा दिया। इस औचक कार्रवाई से शादी वाले घर में हड़कंप मच गया। मौके पर शमसेरगंज पुलिस के साथ-साथ ब्लॉक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नाबालिग लड़की और उसकी मां को अपनी हिरासत में ले लिया और पूछताछ के लिए थाने ले आए। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने लड़की के परिजनों के साथ लंबी बातचीत की और उन्हें बाल विवाह से जुड़े कड़े कानूनों और इसके गंभीर कानूनी परिणामों के बारे में विस्तार से समझाया।

काजी पर मुकदमा दर्ज और पिता की गिरफ्तारी

इस अवैध विवाह के प्रयास को रोकने के बाद पुलिस ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले में सख्त कानूनी कदम उठाए गए हैं। नाबालिग लड़की की शादी कराने की कोशिश करने वाले आरोपियों पर कार्रवाई करते हुए अवैध विवाह संपन्न कराने की तैयारी में शामिल काजी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। इसके साथ ही, कानून का उल्लंघन करने के आरोप में लड़की के पिता को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस प्रशासन द्वारा आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं और प्रारंभिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद नाबालिग लड़की की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। नाबालिग को उचित मार्गदर्शन और सुरक्षा मुहैया कराने के उद्देश्य से उसे काउंसलिंग के लिए बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया गया।

10 सितंबर को भी नाकाम की गई बाल विवाह की दूसरी कोशिश

मुर्शिदाबाद में पुलिस की सक्रियता का सिलसिला यहीं नहीं थमा। जंगीपुर पुलिस जिले की लगातार जारी निगरानी के कारण अगले ही दिन यानी 10 सितंबर को भी बाल विवाह की एक और संभावित कोशिश को समय रहते पूरी तरह विफल कर दिया गया। पुलिस को समय पर मिली खुफिया जानकारी के आधार पर तत्काल हस्तक्षेप किया गया और एक और नाबालिग बेटी को बाल विवाह की बेड़ियों में बंधने से बचा लिया गया। इस दूसरी कार्रवाई के बाद भी आवश्यक कानूनी कदमं उठाए गए और बचाई गई नाबालिग लड़की की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उसे तुरंत CWC की देखरेख और संरक्षण में भेज दिया गया।

बेटियों के भविष्य से कोई समझौता नहीं: शुभेंदु अधिकारी

इन दोनों मामलों के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी सरकार के कड़े इरादों को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल प्रशासन बाल विवाह की कुप्रथा के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' यानी शून्य सहनशीलता की नीति पर काम कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बाल विवाह की इन दोनों घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभाने वाले शमसेरगंज पुलिस थाने के जवानों और बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) की तत्परता और त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की।

मुख्यमंत्री ने अपने बयान में स्पष्ट रूप से बताया कि पुलिस ने 9 और 10 सितंबर 2026 को दो अलग-अलग मामलों में बाल विवाह की गंभीर कोशिशों को नाकाम करने में बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार राज्य की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य और उनकी सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार बेटियों को शिक्षा का पूरा अधिकार दिलाने और राज्य से बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से खत्म करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। इस संकल्प को पूरा करने के लिए केवल कानून लागू करने वाली एजेंसियों की सख्ती ही काफी नहीं है, बल्कि प्रशासनिक मुस्तैदी के साथ-साथ व्यापक सामाजिक जागरूकता का होना भी अनिवार्य है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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