मुंगेर दहेज हत्याकांड में बड़ा फैसला: पत्नी को जिंदा जलाने वाले पति को उम्रकैद बिहार एक घंटा पहले 4
बिहार के मुंगेर में चार साल पुराने दहेज हत्या मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। पत्नी को जिंदा जलाने के जुर्म में दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

चार साल बाद मिला खुशबू को इंसाफ

बिहार के मुंगेर जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया था, जिसमें एक विवाहिता को दहेज की खातिर मौत के घाट उतार दिया गया था। अब चार साल के लंबे कानूनी संघर्ष के बाद अदालत ने इस मामले में न्याय करते हुए अपना फैसला सुनाया है। मुंगेर व्यवहार न्यायालय के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक गुप्ता ने पत्नी की हत्या के दोषी पति को आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई है। इस फैसले से मृतका के परिवार ने थोड़ी राहत महसूस की है।

घटना का विवरण और सजा

अदालत ने दोषी संजीत कुमार को अपनी पत्नी खुशबू देवी की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा, दहेज प्रताड़ना के मामले में उसे तीन वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। इस मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व अपर लोक अभियोजक शाहिद कमाल ने किया, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता कृष्णानंद सिंह ने दलीलें पेश कीं।

क्या था पूरा मामला

घटना की जानकारी देते हुए अभियोजन पक्ष ने बताया कि 27 जून 2021 को आरोपी संजीत कुमार ने दहेज की मांग पूरी न होने पर अपनी पत्नी खुशबू देवी पर केरोसीन तेल छिड़ककर आग लगा दी थी। आग में बुरी तरह झुलसने के बाद पीड़िता को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था। लगभग चार दिन तक जीवन और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद, 1 जुलाई 2021 को पटना के PMCH में खुशबू देवी ने दम तोड़ दिया। अस्पताल में इलाज के दौरान पीड़िता ने जो फर्द बयान दिया था, उसमें उसने सीधे तौर पर अपने पति संजीत कुमार को ही घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस ने इसी बयान को आधार बनाकर प्राथमिकी दर्ज की थी और जांच पूरी करने के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।

पीड़ित परिवार का दर्द और खुलासा

मृतका के भाई सोहन कुमार ने अदालत के फैसले पर संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि खुशबू की शादी घटना से लगभग दो वर्ष पहले ही हुई थी। शादी के बाद उन्हें आरोपी के बारे में कई हैरान कर देने वाली बातें पता चलीं। सोहन कुमार ने बताया कि संजीत कुमार की यह पहली शादी नहीं थी, उसकी पहली पत्नी की भी मौत हो चुकी थी। इतना ही नहीं, खुशबू के साथ शादीशुदा होने के बावजूद उसने एक अन्य महिला से भी विवाह कर लिया था। सोहन के अनुसार, आरोपी लगातार दहेज की मांग करता था और खुशबू को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। उन्होंने कहा कि इन चार वर्षों में परिवार ने न्याय के लिए बहुत लंबा संघर्ष किया है, जो आज कोर्ट के इस फैसले के साथ पूरा हुआ।

न्यायिक प्रक्रिया

यह मामला धरहरा थाना क्षेत्र के मानगढ़ गांव का है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने तमाम साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का बारीकी से अध्ययन किया। पीड़िता का अंतिम बयान, जो उसने अपनी मृत्यु से पहले दिया था, मामले में सबसे महत्वपूर्ण सबूत साबित हुआ। अदालत की इस सजा से समाज में दहेज जैसी कुरीति के खिलाफ एक कड़ा संदेश गया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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