मुंबई में आसमानी आफत के बीच बढ़ा सियासी पारा: मैनहोल में गिरने से बुजुर्ग की मौत पर विधानसभा में हंगामा, दोषियों पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज करने के आदेश महाराष्ट्र एक महीने पहले 45
मुंबई में पिछले 48 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। साकीनाका में खुले मैनहोल में गिरने से हुई एक बुजुर्ग की मौत पर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं.

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आसमानी आफत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 48 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने महानगर की रफ्तार पर पूरी तरह से ब्रेक लगा दिया है। मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच प्रशासनिक विफलता के कारण हो रहे हादसों ने अब महाराष्ट्र की राजनीति में भी उबाल ला दिया है। केवल दो दिन पहले ही चेंबूर में स्कूल वैन पर एक भारी-भरकम पेड़ गिरने से एक मासूम छात्र की असमय मौत का जख्म अभी भरा भी नहीं था कि साकीनाका के चांदिवली इलाके से आई एक और दर्दनाक खबर ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यहां एक खुले मैनहोल में गिरने से 60 वर्षीय असलम शेख नामक बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई, जिसके बाद राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ विपक्षी दलों का गुस्सा फूट पड़ा है।

महाराष्ट्र विधानसभा में भारी हंगामा और सख्त कार्रवाई के निर्देश

यह बेहद संवेदनशील मुद्दा गुरुवार को महाराष्ट्र विधानसभा में बेहद तल्ख अंदाज में गूंजा। विपक्षी विधायकों ने इस त्रासद घटना को लेकर सरकार और बीएमसी के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े किए। चौतरफा आलोचनाओं से घिरी सरकार ने भी इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ बेहद सख्त कदम उठाने का भरोसा दिया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने प्रशासन को पूरे घटनाक्रम की एक विस्तृत रिपोर्ट उसी दिन शाम तक पेश करने के निर्देश जारी किए। विधानसभा अध्यक्ष ने दोटूक शब्दों में कहा कि इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जाए और जो भी अधिकारी या कर्मचारी इस जानलेवा लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाया जाए, उसके खिलाफ सीधे तौर पर गैर-इरादतन हत्या का आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए। राज्य सरकार ने भी विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश के बाद तत्काल प्रभाव से मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

विपक्ष का तीखा हमला: नाना पटोले और असलम शेख के गंभीर आरोप

सदन के भीतर और बाहर विपक्षी नेताओं ने सरकार को आड़े हाथों लिया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सत्ताधारी गठबंधन मुंबई और महाराष्ट्र की जनता को सुरक्षा देने और सुचारू प्रशासन चलाने के बजाय केवल राजनीतिक जोड़-तोड़, विधायकों को तोड़ने-मरोड़ने और अपनी सरकार बचाने की जोड़-जुगाड़ में व्यस्त है। नाना पटोले ने बेहद तल्ख लहजे में सवाल पूछा कि आखिर मुंबई में लगातार मासूम नागरिकों की जान जा रही है, लेकिन सरकार का ध्यान व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर क्यों नहीं है? सरकार को और कितनी मौतों का इंतजार है, जिसके बाद वह अपनी नींद से जागेगी?

इसी सुर में सुर मिलाते हुए पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता असलम शेख ने भी सरकार पर करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पूरा सरकारी अमला विधायकों और सांसदों की खरीद-फरोख्त और राजनीतिक शह-मात के खेल में डूबा हुआ है, जबकि आम मुंबईकर सड़कों पर अपनी जान गंवा रहे हैं। असलम शेख ने याद दिलाया कि पहले चेंबूर में एक अबोध छात्र की जिंदगी प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़ गई और अब साकीनाका में एक बुजुर्ग खुले मैनहोल के कारण असमय काल के गाल में समा गए। उन्होंने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की एक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए। उन्होंने इन सभी मौतों के लिए सीधे तौर पर सरकार, बीएमसी और स्थानीय प्रशासन की विफलता को जिम्मेदार ठहराया।

हादसा या साजिश? दिलीप लांडे ने उठाए सवाल

दूसरी तरफ, सत्ता पक्ष की ओर से भी इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। चांदिवली क्षेत्र से शिवसेना (शिंदे) के विधायक दिलीप लांडे ने इस घटनाक्रम पर एक नया और चौंकाने वाला कोण सामने रखा। चूंकि यह हादसा उन्हीं के विधानसभा क्षेत्र में हुआ था, इसलिए उन्होंने इस पर गहरी चिंता जताई। दिलीप लांडे ने सदन को बताया कि बुजुर्ग असलम शेख एक मैनहोल में गिरे थे, लेकिन उनकी लाश काफी दूर दूसरे मैनहोल से बरामद की गई।

उन्होंने इस बात पर संदेह व्यक्त किया कि क्या यह केवल एक सामान्य हादसा था या इसके पीछे कोई गहरी राजनीतिक या प्रशासनिक साजिश थी। विधायक ने मांग की कि इस बात की गहनता से जांच की जानी चाहिए कि उस व्यस्त सड़क पर मैनहोल का ढक्कन खुला कैसे था? क्या वह ढक्कन प्रशासनिक लापरवाही के कारण खुला रह गया था या किसी शरारती तत्व ने जानबूझकर उसे हटाया था? उन्होंने कहा कि घटनास्थल के आसपास लगे तमाम CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले जाएं, जिससे पूरी सच्चाई जनता के सामने आ सके। इसके साथ ही उन्होंने भी बीएमसी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की वकालत की।

वहीं, एनसीपी (अजित पवार) के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद सुनील तटकरे ने भी इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और पीड़ादायक करार दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि इस समय मुंबई और कोंकण क्षेत्र में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हो रही है, जिससे हालात काफी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक आपदा चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, ऐसी दर्दनाक घटनाएं किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। सुनील तटकरे ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सबसे पहली और बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार ने प्रशासन को आवश्यक और कड़े दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बीजेपी नेताओं की मांग: दोषी अधिकारियों पर दर्ज हो तत्काल FIR

सत्ताधारी बीजेपी भी इस मुद्दे पर सुरक्षात्मक रवैया अपनाने के मूड में नहीं दिखी। बीजेपी के मुंबई अध्यक्ष अमित सातम ने विधानसभा में इस लापरवाही को लेकर अपनी ही सरकार के सामने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने मांग की कि इस जानलेवा लापरवाही के लिए जिम्मेदार बीएमसी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से आपराधिक मामला यानी FIR दर्ज की जानी चाहिए। अमित सातम ने दोटूक कहा कि बीएमसी में सत्ता की कमान चाहे किसी भी दल के पास रही हो या वर्तमान में हो, ऐसी जानलेवा और घोर लापरवाही को कतई सहन नहीं किया जा सकता।

बीजेपी के एक अन्य मुखर विधायक राम कदम ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसके लिए सीधे तौर पर प्रशासनिक अमले की घोर लापरवाही जिम्मेदार है। राम कदम ने साफ किया कि स्वयं सरकार ने भी इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती।

मुंबई में भारी बारिश का कहर और मौसम विभाग का अलर्ट

अगर मौसमी आंकड़ों की बात करें तो पिछले 24 घंटों के दौरान मुंबई शहर और उसके उपनगरीय इलाकों में रिकॉर्ड 150 मिलीमीटर से भी अधिक मूसलाधार बारिश दर्ज की जा चुकी है। इस लगातार हो रही भारी बारिश के कारण अब तक मुंबई और उसके आसपास के क्षेत्रों में कुल 5 लोगों की मौत हो चुकी है। इन मौतों के आंकड़ों को देखें तो:

  • 3 मौतें अकेले मुंबई शहर और उसके उपनगरों में दर्ज की गई हैं।
  • 2 मौतें नवी मुंबई के इलाकों में हुई हैं।

मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे और उसके नजदीकी जिलों के लिए अगले 24 घंटों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। आसमान से बरसती इस आफत के बीच, अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे किस प्रकार निचले इलाकों में जलभराव को रोकते हैं, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं और भविष्य में ऐसे किसी भी दर्दनाक हादसे की पुनरावृत्ति को रोक पाते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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