महाराष्ट्र
4 घंटे पहले
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मतदाता सूची अपडेट करने के लिए नया शेड्यूल जारी
महाराष्ट्र के मतदाताओं के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत भरी सूचना सामने आई है। राज्य में मतदाता सूची के मसौदे को लेकर चल रही प्रक्रिया में चुनाव आयोग ने बड़ा बदलाव करते हुए दावे और आपत्तियां जमा करने की अंतिम तिथि में विस्तार कर दिया है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की है। आयोग द्वारा जारी किए गए नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब पात्र मतदाता 26 अक्टूबर तक मसौदा मतदाता सूची से संबंधित अपने दावे और आपत्तियां आधिकारिक तौर पर दर्ज करा सकते हैं।
दावे और आपत्तियों की पूरी समय सीमा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम का नया कार्यक्रम काफी व्यापक है। इस पूरी प्रक्रिया के महत्वपूर्ण चरण इस प्रकार हैं:
- दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि अब 31 अगस्त से लेकर 26 अक्टूबर तक निर्धारित की गई है।
- इन प्राप्त दावों और आपत्तियों के निपटान की प्रक्रिया 31 अगस्त से शुरू होकर 10 नवंबर तक संचालित की जाएगी।
- संशोधनों और सत्यापन के बाद अंतिम मतदाता सूची का आधिकारिक प्रकाशन 16 नवंबर को किया जाएगा।
यह पूरी कवायद मतदाता सूची को पूरी तरह से सटीक, त्रुटिहीन और अद्यतन रखने के उद्देश्य से की जा रही है ताकि आगामी चुनावी प्रक्रियाओं में किसी भी पात्र नागरिक को मतदान से वंचित न होना पड़े।
मतदाताओं से अपील और सुधार की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी पात्र नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस बढ़े हुए समय का सदुपयोग करें। उन्होंने मतदाताओं को सलाह दी है कि वे सबसे पहले मसौदा मतदाता सूची में जाकर अपना नाम और दर्ज व्यक्तिगत विवरणों की भली-भांति जांच कर लें। यदि किसी नागरिक का नाम सूची से छूट गया है, तो वे उसे जोड़ने के लिए अपना आवेदन दे सकते हैं। इसी प्रकार, यदि मतदाता के विवरण में कोई गलती या त्रुटि पाई जाती है, तो उसे सुधारने के लिए भी आवेदन किया जा सकता है। किसी भी प्रकार की आपत्ति दर्ज कराने के लिए 26 अक्टूबर की समय सीमा का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है।
सियासी गलियारों में चर्चा और विरोध
एक तरफ चुनाव आयोग जहां मतदाता सूची को अपडेट करने की इस प्रक्रिया में जुटा हुआ है, वहीं दूसरी ओर दिल्ली में इसे लेकर राजनीतिक घमासान भी छिड़ा हुआ है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दलों के गठबंधन 'इंडिया ब्लॉक' द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस प्रदर्शन को संविधान को बचाने की लड़ाई करार दिया है। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर सरकार के साथ मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं और उसकी कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन तमाम राजनीतिक विवादों के बीच चुनाव आयोग अपनी प्रशासनिक प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दे रहा है ताकि चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
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