7.8% GDP पर घमासान: शिवसेना का मल्लिकार्जुन खरगे पर करारा पलटवार, कहा- कांग्रेस के लिए इसका मतलब सिर्फ 'गांधी परिवार डेवलपमेंट प्रोग्राम' महाराष्ट्र एक दिन पहले 4
देश की 7.8% जीडीपी विकास दर को लेकर शिवसेना प्रवक्ता शायना एनसी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर तीखा हमला बोला है और उनके 'लाइट्स, कैमरा, इनएक्शन' वाले बयान को कांग्रेस के पेट का दर्द बताया है।

भारत की मजबूत आर्थिक रफ्तार को लेकर देश के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। देश की 7.8% जीडीपी (GDP) विकास दर पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा उठाए गए सवालों के बाद सत्ताधारी खेमे से बेहद कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। शिवसेना की प्रवक्ता शायना एनसी ने मल्लिकार्जुन खरगे के बयानों पर करारा पलटवार किया है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी की नीतियों और सोच पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के लिए जीडीपी (GDP) का वास्तविक अर्थ केवल और केवल 'गांधी परिवार डेवलपमेंट प्रोग्राम' तक ही सीमित रह गया है।

जीडीपी पर खरगे का तंज और शिवसेना का जवाब

दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति और 7.8% की जीडीपी विकास दर को लेकर केंद्र सरकार को घेरा था। उन्होंने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा था कि जब बात देश की अर्थव्यवस्था की आती है, तो प्रधानमंत्री मोदी के प्रचार की असल कहानी 'लाइट्स, कैमरा और निष्क्रियता' ही बनकर रह जाती है।

मल्लिकार्जुन खरगे के इस बयान के बाद शिवसेना प्रवक्ता शायना एनसी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि देश की 7.8% की शानदार विकास दर किसी पीआर (PR) एजेंसी या विज्ञापन की देन नहीं है। यह ऐतिहासिक वृद्धि देश के खेतों में दिन-रात पसीना बहाने वाले मेहनती किसानों और अपनी दुकानों में मेहनत करने वाले दुकानदारों की बदौलत हासिल हुई है, न कि कांग्रेस की बंद कमरों में होने वाली प्रेस वार्ताओं से।

वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत का प्रदर्शन

शायना एनसी ने कांग्रेस के पुराने शासनकाल की याद दिलाते हुए कहा कि जब देश में कांग्रेस की सरकार थी, तब केवल 4% की विकास दर को भी एक बहुत बड़ा चमत्कार मान लिया जाता था। लेकिन आज जब देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 7.8% की दर से आगे बढ़ रहा है, तो कांग्रेस के नेता इसे 'पीआर' बता रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह पीआर नहीं है, बल्कि कांग्रेस के पेट का दर्द है जो भारत की प्रगति को देखकर बाहर आ रहा है।

शायना एनसी ने वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया विभिन्न संकटों से जूझ रही है। एक तरफ जहां यूक्रेन और ईरान में भीषण युद्ध की स्थिति बनी हुई है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका द्वारा 50% का भारी-भरकम आयात शुल्क लगाया जा रहा है। इन तमाम विपरीत और चुनौतीपूर्ण अंतरराष्ट्रीय हालातों के बावजूद अगर भारत अपनी जीडीपी विकास दर को 7.8% पर बनाए रखने में सफल रहा है, तो इसे पीआर स्टंट नहीं बल्कि सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बेहतरीन प्रदर्शन माना जाना चाहिए।

धनुष-बाण चुनाव चिह्न पर उद्धव गुट को दिया संदेश

पार्टी के भीतर और चुनाव चिह्न को लेकर चल रही खींचतान पर भी शायना एनसी ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट को कड़ा जवाब दिया। उद्धव गुट द्वारा 'धनुष-बाण' चुनाव चिह्न को फ्रीज करने की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इस निशान को किसी ने खरीदा नहीं है। यह प्रतीक वर्ष 2022 में एक बड़े राजनीतिक संघर्ष और जनता की एकजुटता के बाद हासिल हुआ था।

उन्होंने शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के विचारों का स्मरण कराते हुए कहा कि बालासाहेब हमेशा कहते थे कि जिसके पास असली सैनिक होते हैं, असल सेना भी उसी की होती है। शायना एनसी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए पूछा कि आज जब हमारे पास 60 विधायक और 13 सांसद मौजूद हैं, और स्थानीय निकायों में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यों की जमकर सराहना हो रही है, तो फिर असली शिवसेना किसकी हुई? उन्होंने जोर देकर कहा कि धनुष-बाण सिर्फ एक चुनाव चिह्न नहीं है, बल्कि यह पिछले साठ सालों में बना एक मजबूत वैचारिक विश्वास है। चाहे कोई ऑटो-रिक्शा चालक हो या वड़ा-पाव बेचने वाला, हर आम नागरिक जानता है कि धनुष-बाण का असली मतलब एकनाथ शिंदे के प्रति समर्थन है।

राहुल गांधी के नासिक दौरे पर घेरा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के महाराष्ट्र दौरे और नासिक में होने वाली पार्टी की बैठक को लेकर भी शायना एनसी ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी का महाराष्ट्र में स्वागत है। वह नासिक आए हैं तो उन्हें प्रसिद्ध सुला वाइनयार्ड्स भी जाना चाहिए और ऐतिहासिक कुंभ मेले के दर्शन भी करने चाहिए, लेकिन उन्हें यहां आकर झूठ फैलाने की राजनीति बंद करनी चाहिए।

शायना एनसी ने आगे कहा कि नासिक के छात्र बहुत समझदार और जागरूक हैं, वे किसी 'व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी' से अपनी शिक्षा नहीं लेते हैं। उन्होंने राहुल गांधी से सीधे सवाल करते हुए पूछा कि वह महाराष्ट्र में अपने काम के सिलसिले में जरूर आएं, लेकिन जब भी वे यहां कदम रखें, तो इस बारे में भी अपनी राय स्पष्ट करें कि जब भारत 7.8% की जीडीपी (GDP) विकास दर हासिल कर रहा है, देश में 10 करोड़ नए रोजगार पैदा कर रहा है और चंद्रयान जैसे बड़े अंतरिक्ष अभियानों के जरिए सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, तो इन गौरवशाली ऐतिहासिक उपलब्धियों पर उनके क्या विचार हैं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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