दिल्ली
7 घंटे पहले
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दिल्ली में स्कूल बम धमकी से हड़कंप
देश की राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच एक बार फिर स्कूलों को निशाना बनाए जाने का मामला सामने आया है। गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के विभिन्न स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। इस धमकी भरे संदेश ने न केवल प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है, बल्कि अभिभावकों और आम लोगों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और तमाम सुरक्षा एजेंसियां तत्काल हरकत में आ गईं और प्रभावित स्कूलों को पूरी तरह से खाली कराकर सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
जांच में जुटी एजेंसियां
अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस की टीमें धमकी मिलने के तुरंत बाद संबंधित स्कूलों में पहुंचीं। पुलिस ने स्कूल परिसरों के चप्पे-चप्पे की बारीकी से जांच की। राहत की बात यह है कि शुरुआती तलाशी में अब तक किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एहतियात के तौर पर स्कूलों के बाहर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
नोएडा में भी पहले मिली थी धमकियां
यह घटनाक्रम इसी सप्ताह सोमवार को हुई एक अन्य घटना से काफी मिलता-जुलता है। हाल ही में नोएडा के कई प्रतिष्ठित स्कूलों को भी इसी तरह के धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए थे। प्रभावित स्कूलों में सेक्टर-16 स्थित एपीजे स्कूल, स्टेप बाय स्टेप स्कूल और दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) शामिल थे। उस समय भी प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड, दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर पूरे परिसर की गहन जांच की थी। गौतमबुद्ध नगर पुलिस के अनुसार, उस दौरान भी कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई थी। साइबर सेल अब उन ईमेल के स्रोतों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच कर रही है।
लगातार मिल रही धमकियों से बढ़ी चिंता
दिल्ली-एनसीआर के शैक्षणिक संस्थानों को लगातार मिल रही ये धमकियां एक गंभीर विषय बनी हुई हैं। स्कूलों को इस तरह डराए जाने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। बीते 21 सितंबर को भी दिल्ली के कई स्कूलों को बम से उड़ाने के धमकी भरे ईमेल मिले थे, जिनमें हौज खास स्थित मदर्स इंटरनेशनल स्कूल, चाणक्यपुरी का नेवी चिल्ड्रन स्कूल और बाल भारती स्कूल प्रमुख थे। इन घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता काफी बढ़ा दी गई है। हालांकि अब तक की जांच में इन धमकियों को महज अफवाह या शरारती तत्वों की हरकत माना जा रहा है, लेकिन बार-बार मिल रहे ऐसे संदेशों की वास्तविकता और उन्हें भेजने वालों का पता लगाना सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी प्राथमिकता बन गया है। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां ईमेल के तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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