10 फीट का अजगर बाइक की सीट पर जा बैठा, बोला- 'आज गाड़ी तेरा भाई चलाएगा'! राष्ट्रीय राजनीति 4 घंटे पहले 4
तमिलनाडु के वेल्लोर में सड़क पार करता एक 10 फीट लंबा अजगर अचानक पास खड़ी मोटरसाइकिल पर चढ़कर सीट पर कुंडली मारकर बैठ गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

आपने अक्सर लोगों के मुंह से एक मशहूर जुमला सुना होगा- 'आज गाड़ी तेरा भाई चलाएगा'। आम तौर पर यह बात इंसान कहते हैं, लेकिन तमिलनाडु के वेल्लोर में तो एक अजगर ही 'राइडर' बनने पर उतारू हो गया। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा ही वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग अपनी हंसी रोक नहीं पा रहे।

सड़क पार करते-करते चढ़ गया बाइक पर

हुआ यूं कि एक 10 फीट लंबा अजगर इत्मीनान से लहराते हुए सड़क पार कर रहा था। उसे देखते ही वाहनों के पहिये थम गए और लोगों ने अपनी कार और बाइक रोक लीं। लेकिन अजगर महोदय को मानो कहीं और ही पहुंचने की जल्दी थी। सड़क पार करने के बाद वह अचानक पलटा और पास ही खड़ी एक मोटरसाइकिल की ओर बढ़ गया। देखते ही देखते वह बाइक के पहिये से होते हुए सीधे उसकी सीट पर जा चढ़ा और वहीं कुंडली मारकर आराम फरमाने लगा।

काफी देर तक जब अजगर बाइक की सीट से नहीं हिला, तो आसपास खड़े लोगों ने मजेदार कमेंट करते हुए वीडियो बनाने शुरू कर दिए। दूर से उसे देख रहे लोग हंसते हुए कह रहे थे- 'लगता है अजगर भाई बोल रहे हैं, बहुत रेंग लिया… आज गाड़ी तेरा भाई चलाएगा!' सीट पर वह इस तरह आराम से फैला हुआ था, मानो किसी शोरूम में नई बाइक का ट्रायल ले रहा हो।

रेस्क्यू टीम ने 'काटा चालान'

आखिरकार किसी ने रेस्क्यू टीम को बुला लिया। मजाकिया अंदाज में लोग कह रहे थे कि नियम तोड़ने पर अब अजगर का चालान कटेगा। टीम ने अजगर को सावधानी से बाइक से उतारा और उसे पकड़कर वापस जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया।

कहां की है यह घटना

यह वाकया तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में गुड़ियाथम के पास एक मुख्य सड़क का है। गुड़ियाथम, वेल्लोर शहर से करीब 30-35 किलोमीटर दूर बसा एक प्रमुख कस्बा है। यह पूरा इलाका पहाड़ियों और कई रिजर्व फॉरेस्ट से घिरा हुआ है, जिनमें सानाकुप्पम रिजर्व फॉरेस्ट, मोरधना डैम क्षेत्र और आसपास की पहाड़ियां शामिल हैं। इन जंगलों से अजगर, जंगली सूअर और कभी-कभी हाथी तक निकलकर सड़कों पर आ जाते हैं, जबकि सांप और अजगर का आना-जाना तो आम बात है।

आखिर क्यों आ जाते हैं अजगर आबादी में

वन अधिकारियों के मुताबिक, इस इलाके में ऐसी घटनाएं मुख्य रूप से दो वजहों से होती हैं।

  • पहली वजह- जंगलों से सटे ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में मुर्गियों के फार्म और बकरियां होती हैं। इन्हीं का शिकार करने के चक्कर में अजगर आबादी वाले इलाकों और सड़कों तक पहुंच जाते हैं।
  • दूसरी वजह- मानसून या भारी बारिश के दौरान जब जंगलों में पानी भर जाता है या उनके बिल बंद हो जाते हैं, तो ये जीव सूखी और ऊंची जगहों की तलाश में बाहर निकल आते हैं। शायद यही कारण रहा कि इस अजगर को भी सड़क किनारे खड़ी सूखी और आरामदायक बाइक की सीट भा गई।

अजगर की 'घर वापसी'

वन अधिकारियों ने बताया कि इस 'वीआईपी राइडर' को बिना कोई चोट पहुंचाए सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया और पास के घने जंगल में छोड़ दिया गया।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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