मुरैना ट्रेन हादसा: आखिर क्यों खींची गई चेन? घटना की जांच के लिए 7 सदस्यीय कमेटी गठित, चार की मौत मध्य प्रदेश 6 दिन पहले 8
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में हेतमपुर और घेर रेलवे स्टेशन के बीच आग लगने की अफवाह के बाद यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक दी और दूसरे ट्रैक पर उतर गए, जहां सामने से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई। हादसे की जांच के लिए झांसी मंडल ने 7 सदस्यीय समिति बनाई है।

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में हेतमपुर और घेर रेलवे स्टेशन के बीच रविवार को एक हृदयविदारक हादसा हो गया। उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह फैलते ही यात्रियों के बीच भगदड़ की स्थिति बन गई। घबराए लोगों ने आनन-फानन में चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक दी और नीचे उतरकर बगल वाले ट्रैक पर जा खड़े हुए। इसी बीच विपरीत दिशा से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से चार यात्रियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए।

जांच के लिए बनी 7 सदस्यीय समिति

इस हादसे की वजहों की पड़ताल के लिए रेलवे ने जांच टीम गठित कर दी है। झांसी DSO हेड ने 7 सदस्यीय कमेटी बनाई है। JAG स्तर की यह टीम घटना के कारणों की तह तक जाकर जांच करेगी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह दुखद घटना अलार्म चेन पुलिंग करके ट्रेन से उतरने और गलत जगह ट्रैक पर खड़े होने अथवा ट्रैक पार करने की कोशिश के कारण घटी। हालांकि अलार्म चेन पुलिंग की असल वजह अभी तक सामने नहीं आ सकी है। मामले की गहराई से जांच के लिए अधिकारियों की एक जांच समिति बनाई गई है।

मासूम समेत चार लोगों की गई जान

मृतकों में सुल्तानगंज की पुलिया, आगरा निवासी आफरीन पत्नी नदीम खान (35), उनका चार वर्षीय बेटा असद खान, कचहरा थोक, रुनकता, आगरा निवासी शकुंतला पत्नी भूरी सिंह परमार (60) और गेसोरा, थाना महाजन, जिला बीकानेर (राजस्थान) निवासी विरमा देवी पत्नी गिरधारी गिरी (60) शामिल हैं।

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल, सरकारी रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंच गए। प्रभावित यात्रियों को जरूरी मदद मुहैया कराई गई और घायलों को तुरंत पास के अस्पताल पहुंचाया गया।

घुमावदार ट्रैक के कारण नहीं दिखी ट्रेन?

झांसी रेलवे डिवीजन के डीआरएम अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी ट्रेन चेन पुलिंग के बाद रुकी थी और कुछ यात्री, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, ट्रेन से नीचे उतर गए। ठीक उसी समय पास के घुमावदार ट्रैक पर आगरा की ओर से पातालकोट एक्सप्रेस आ रही थी।

उन्होंने आशंका जताई कि घुमाव की वजह से संभवतः ट्रैक पर खड़े लोगों को ट्रेन दिखाई नहीं दी। ट्रेन की रफ्तार तेज थी। लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाने की कोशिश भी की, लेकिन ट्रेन और लोगों के बीच फासला बेहद कम होने के कारण यह दर्दनाक हादसा हो गया और चार लोगों की जान चली गई।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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