राजस्थान
3 घंटे पहले
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राजस्थान के डूंगरपुर जिले की 13 वर्षीय छात्रा किम भारतीय ने अपनी पैनी नजर से एक ऐसा विषय सामने रखा है, जो अब हर ओर चर्चा का केंद्र बन गया है। कक्षा आठ में पढ़ने वाली इस छात्रा ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर राष्ट्रीय प्रतीक से जुड़ा एक अहम सुझाव दिया है, जिसके बाद लोग उसकी जागरूकता की खुलकर तारीफ कर रहे हैं।
कैसे पकड़ी छात्रा ने यह कमी
किम भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं से जुड़ी खबरें और तस्वीरें नियमित रूप से देखती रहती हैं। इसी दौरान उसने प्रधानमंत्री के विशेष विमान एयर इंडिया वन के दरवाजे पर बने राष्ट्रीय प्रतीक को बारीकी से देखा। उसे महसूस हुआ कि दरवाजा खुलने पर अशोक स्तंभ का एक हिस्सा ढक जाता है, जिसके कारण यह पूरी तरह दिखाई नहीं देता और राष्ट्रीय प्रतीक की गरिमा पर असर पड़ता है।
प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा सुझाव
इस अवलोकन के बाद छात्रा ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर सुझाव दिया कि राष्ट्रीय प्रतीक को ऐसे स्थान पर लगाया जाए, जहां वह हर परिस्थिति में पूर्ण रूप से नजर आए। उसका तर्क है कि प्रधानमंत्री के विमान पर चढ़ने और उतरने के दृश्य पूरी दुनिया में प्रसारित होते हैं, इसलिए इन दृश्यों में देश के प्रतीक की संपूर्ण और स्पष्ट छवि का दिखना बेहद जरूरी है।
राष्ट्रीय प्रतीक के सम्मान पर जोर
छात्रा ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय प्रतीक केवल एक चित्र भर नहीं है, बल्कि यह देश की पहचान और गौरव का प्रतीक है। उसने इस बात पर बल दिया कि इसका अधूरे रूप में दिखाई देना उचित नहीं है, क्योंकि यह भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करता है।
हर ओर हो रही सराहना
किम भारतीय की इस पहल की क्षेत्र में काफी प्रशंसा हो रही है और इसे जागरूक नागरिकता का बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है। लोगों का मानना है कि इस तरह की सजगता यह साबित करती है कि देशहित से जुड़े मुद्दों पर उम्र कभी बाधा नहीं बनती। छात्रा का यह कदम अब सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां इसे एक सकारात्मक और जिम्मेदार सोच के रूप में देखा जा रहा है।
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