मुरादाबाद में बेकरी का बिजनेस शुरू करने का मौका: सरकार दे रही भारी सब्सिडी और आसान लोन उत्तर प्रदेश 3 महीने पहले 143
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में बेकरी उद्योग शुरू करने के लिए सरकार विशेष अनुदान और ऋण की सुविधा दे रही है, जिससे उद्यमियों को कम निवेश में बंपर मुनाफा कमाने का अवसर मिल रहा है। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की ओर से इस योजना के तहत प्लांट और मशीनरी पर 35 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है।

मुरादाबाद में बेकरी उद्योग के लिए सरकारी प्रोत्साहन

अगर आप मुरादाबाद में अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो बेकरी का क्षेत्र आपके लिए एक शानदार विकल्प साबित हो सकता है। वर्तमान में गांव हो या शहर, बिस्कुट, ब्रेड और रस्क जैसे बेकरी उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। इस व्यवसाय में 40 से 50 प्रतिशत तक का मार्जिन आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा प्लांट और मशीनरी की खरीद पर 35 प्रतिशत की सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जा रहा है।

PMFME योजना और ऋण की सुविधा

बेकरी व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उन्नयन (PMFME) योजना के तहत आर्थिक मदद दी जा रही है। इस योजना के अंतर्गत 10 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है, साथ ही बैंकों से परियोजना लागत का 90 प्रतिशत तक लोन भी प्राप्त किया जा सकता है। एक छोटी बेकरी यूनिट को मात्र 5 से 10 लाख रुपये के निवेश से आसानी से स्थापित किया जा सकता है। व्यवसाय शुरू करने के लिए उद्यमी को केवल FSSAI और GST पंजीकरण की आवश्यकता होती है। इसके अतिरिक्त, मुरादाबाद में गेहूं और चीनी की उपलब्धता कम लागत में होने और दिल्ली-एनसीआर का बाजार निकट होने के कारण यहां तैयार माल की बिक्री करना काफी आसान और फायदेमंद है।

लागत, अनुदान और बैंक लोन की प्रक्रिया

उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के जनपदीय रिसोर्स पर्सन के अनुसार, बेकरी का काम शुरू करने के लिए बहुत अधिक पूंजी की आवश्यकता नहीं होती है। इस बिजनेस की शुरुआत न्यूनतम 2 लाख रुपये से की जा सकती है, जबकि बड़े स्तर पर इसे 20 से 30 लाख रुपये की लागत तक ले जाया जा सकता है। परियोजना की कुल लागत पर सरकार द्वारा 35 प्रतिशत का अनुदान दिया जा रहा है। उद्यमी को स्वयं केवल 10 प्रतिशत मार्जिन मनी लगानी होती है, जबकि शेष धनराशि के लिए बैंक से ऋण लेना अनिवार्य है। यदि आप 10 लाख रुपये तक का लोन लेते हैं, तो इसके लिए आईटीआर या बैलेंस शीट दिखाना अनिवार्य नहीं है, लेकिन 10 लाख रुपये से अधिक के लोन के लिए आईटीआर स्लिप दिखाना जरूरी होता है।

आवश्यक दस्तावेज और वर्तमान स्थिति

इस व्यवसाय को पंजीकृत कराने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड और बिजली के बिल जैसे सामान्य दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। यदि कोई व्यक्ति 10 लाख रुपये से अधिक की ऋण राशि चाहता है, तो बैंक आय के स्रोत (सोर्स ऑफ इनकम) की जांच करता है, जिसके लिए आईटीआर होना आवश्यक है। फिलहाल मुरादाबाद में इस योजना के अंतर्गत 8 से 10 बेकरी यूनिट सफलतापूर्वक चल रही हैं, जिनका फीडबैक काफी सकारात्मक है और उनके संचालक लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं।

उत्पाद और भविष्य की संभावनाएं

एक बेकरी यूनिट स्थापित करके उद्यमी ब्रेड, रस्क (पापे), फैन और विभिन्न प्रकार के बिस्कुट सहित करीब 8 से 10 तरह के उत्पाद तैयार कर सकते हैं। इसके अलावा बाजार की मांग के अनुसार पिज्जा ब्रेड जैसे आधुनिक उत्पाद भी बनाए जा सकते हैं, जिनकी मार्केट में बहुत अच्छी डिमांड रहती है। जो भी व्यक्ति इस लाभदायक व्यवसाय को अपनाना चाहते हैं, वे मुरादाबाद के उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। वहां विभाग के अधिकारी न केवल सब्सिडी की प्रक्रिया पूरी करने में मदद करते हैं, बल्कि व्यवसाय को सफल बनाने के लिए उचित मार्गदर्शन भी प्रदान करते हैं। खेती के साथ-साथ इस तरह की बेकरी यूनिट लगाकर किसान और अन्य युवा अपनी आय में बड़ा इजाफा कर सकते हैं।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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