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एक घंटा पहले
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विचारों
सरकार ने चर्चा का दिया न्योता
नीट (NEET) पेपर लीक का मुद्दा इन दिनों देश की राजनीति के केंद्र में है। सड़क से लेकर संसद तक जारी इस भारी गतिरोध के बीच केंद्र सरकार ने अब विपक्ष के समक्ष संसद के भीतर इस विषय पर चर्चा का प्रस्ताव रखा है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने स्पष्ट किया है कि सरकार इस गंभीर मामले पर व्यापक विचार-विमर्श करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने विपक्षी दलों से आह्वान किया है कि वे चर्चा के लिए एक उपयुक्त समय और तारीख निर्धारित करें। सरकार का मुख्य जोर इस तरह की घटनाओं को भविष्य में रोकने के लिए तंत्र को सुदृढ़ करने पर है। जेपी नड्डा ने यह भी कहा कि सरकार विपक्ष के सकारात्मक सुझावों का स्वागत करेगी क्योंकि छात्रों का भविष्य सीधे तौर पर देश की प्रगति से जुड़ा हुआ है।
विपक्ष का इस्तीफा पर जोर
सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव मिलने के बाद भी विपक्ष का रुख सख्त बना हुआ है। विपक्षी दल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर मजबूती से टिके हैं। जेपी नड्डा ने विपक्षी नेताओं पर पलटवार करते हुए कहा कि छात्रों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों का इस्तेमाल राजनीति के लिए नहीं किया जाना चाहिए। सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शन या विपक्ष के दबाव में आकर किसी मंत्री का इस्तीफा नहीं लिया जाएगा। ज्ञात हो कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हाल ही में जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में व्यापक और उग्र प्रदर्शन देखे गए हैं।
संसद में हंगामे के आसार
बीते बुधवार को भी नीट पेपर लीक के विरोध में संसद में भारी हंगामा हुआ था। विपक्षी दलों के सांसद विरोध स्वरूप काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने साफ कहा कि उनकी मांगें पूरी होने तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। वहीं, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का तर्क है कि चर्चा तभी सार्थक हो सकती है जब पहले शिक्षा मंत्री अपना पद छोड़ें। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार पिछले कई दिनों से चर्चा के लिए तत्पर है, लेकिन विपक्ष बातचीत के बजाय केवल व्यवधान पैदा कर रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या आज संसद में कोई ठोस चर्चा हो पाती है या फिर गतिरोध बना रहेगा।
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