NEET पेपर लीक विवाद: सरकार लाएगी नया सख्त कानून, संसद में जारी है भारी गतिरोध भारत 3 महीने पहले 73
NEET पेपर लीक मामले के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कठोर कानून लाने का ऐलान किया है, वहीं विपक्ष संसद में लगातार बहस की मांग कर रहा है।

सख्त कानून लाने की तैयारी

संसद का मानसून सत्र वर्तमान में NEET पेपर लीक प्रकरण के कारण पूरी तरह से हंगामे की भेंट चढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को भी सदन के भीतर सत्ताधारी दल और विपक्षी खेमे के बीच तनातनी जारी रहने के पूरे आसार हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात एक विशेष वीडियो संदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने स्पष्ट किया है कि सरकार पेपर लीक जैसी समस्याओं को लेकर बेहद गंभीर है। प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि सरकार केवल पेपर लीक से संबंधित अपराधों के लिए एक अत्यंत कड़ा कानून लाने की योजना बना रही है। इसका मसौदा तैयार हो चुका है जिसे जल्द ही कैबिनेट की बैठक में पेश किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि कैबिनेट की स्वीकृति मिलते ही अगले सप्ताह इस कानून को संसद से पारित करवा लिया जाए।

प्रदर्शनकारियों पर राहत और सोनम वांगचुक का अनशन

सरकार ने इस मामले पर एक सकारात्मक संकेत देते हुए स्पष्ट किया है कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन करने वालों और 20 जुलाई को आयोजित संसद मार्च में शामिल होने वाले लोगों के खिलाफ कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके अलावा, संसद के भीतर पेपर लीक के मुद्दे पर व्यापक चर्चा कराने और परीक्षा प्रणाली में सुधार लाने पर भी विचार किया जा रहा है। साथ ही, पेपर लीक के कारण अपनी जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग पर भी सरकार सकारात्मक रुख अपना रही है। प्रधानमंत्री के इस संदेश के बाद गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में पिछले 26 दिनों से अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है।

विपक्ष का कड़ा रुख

प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को अपनी बात एकतरफा वीडियो के माध्यम से रखने के बजाय सीधे संसद में आकर बयान देना चाहिए। मल्लिकार्जुन खरगे ने मांग की है कि प्रधानमंत्री संसद में आने से पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से बर्खास्त करें और देश के छात्रों से माफी मांगे। विपक्षी दल का यह कहना है कि कांग्रेस पार्टी शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक की समस्या पर संसद के भीतर विस्तार से चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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