भारत
एक महीने पहले
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विचारों
संसद में विपक्षी दलों का जोरदार विरोध
संसद के मॉनसून सत्र का आज मंगलवार को दूसरा दिन है। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के तेवर काफी आक्रामक नजर आए। पहले दिन की तरह ही दूसरे दिन भी संसद के भीतर और बाहर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन का दौर जारी रहा। विपक्ष मुख्य रूप से NEET पेपर लीक मामले और राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवादों को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा है। इन हंगामों की वजह से लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को कई बार रोकना पड़ा है।
लोकसभा और राज्यसभा की स्थिति
लोकसभा में अध्यक्ष की ओर से लगातार शांति बनाए रखने और सांसदों से अपने स्थानों पर बैठने की अपील की गई। अध्यक्ष ने नियमों के दायरे में रहकर चर्चा करने का आग्रह किया, लेकिन विपक्षी सदस्य अपनी मांग पर अड़े रहे कि इस विषय पर तुरंत चर्चा की जाए और सरकार अपनी जिम्मेदारी तय करे। उधर, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने NEET पेपर लीक का मामला पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने देशभर में छात्रों को हो रही परेशानियों का मुद्दा रखा, जिसके बाद सदन में भारी शोर-शराबा शुरू हो गया।
सरकार का रुख और चर्चा की उम्मीद
विपक्ष के हंगामे के बीच सरकार का पक्ष स्पष्ट है कि वह किसी भी विषय पर बहस से पीछे नहीं हट रही है, लेकिन कार्यवाही संसदीय नियमों और मर्यादा के मुताबिक ही संचालित होनी चाहिए। सत्र की शुरुआत से पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान यह उम्मीद जताई थी कि इस बार सत्र में सार्थक चर्चा होगी। हालांकि, वर्तमान में सदन के भीतर बनी स्थिति से ऐसा लग रहा है कि मुख्य मुद्दों पर बहस शुरू करने के लिए सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनना अभी बाकी है।
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