Mithun Sankranti 2026: कब है मिथुन संक्रांति? 6 घंटे 21 मिनट का पुण्य काल और अमावस्या योग में स्नान, जानें तिथि व मुहूर्त धर्म 2 घंटे पहले 2
सूर्य देव के मिथुन राशि में प्रवेश के साथ मिथुन संक्रांति मनाई जाती है। इस वर्ष 15 जून सोमवार को होने वाली इस संक्रांति पर 6 घंटे 21 मिनट का पुण्य काल रहेगा और सूर्य-चंद्र की युति से अमावस्या योग भी बनेगा।

जब ग्रहों के राजा सूर्य देव मिथुन राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस समय मिथुन संक्रांति होती है। सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश के क्षण को ही संक्रांति कहा जाता है। इस दिन पवित्र स्नान और दान का विशेष महत्व बताया गया है। इस बार मिथुन संक्रांति पर 6 घंटे 21 मिनट का पुण्य काल रहेगा, साथ ही सूर्य और चंद्र की युति से अमावस्या योग भी बन रहा है।

मिथुन संक्रांति का महत्व

मिथुन संक्रांति के महा पुण्य काल में श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और इसके बाद अपनी क्षमता के अनुसार दान करते हैं। इसी संक्रांति से सूर्य कैलेंडर का तीसरा महीना मिथुन आरंभ होता है, जो करीब एक माह तक चलता है। मान्यता है कि इस अवसर पर किए गए स्नान और दान से पुण्य की प्राप्ति होती है।

मिथुन संक्रांति 2026 की तिथि और मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार, सूर्य देव 15 जून सोमवार को दोपहर 12 बजकर 59 मिनट पर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे और उसी समय सूर्य की मिथुन संक्रांति होगी। इस बार संक्रांति का पुण्य काल 6 घंटे से अधिक समय तक बना रहेगा।

सभी राशियों पर प्रभाव

सूर्य के मिथुन राशि में आने से सभी 12 राशियों पर इसका असर पड़ता है। इस गोचर का प्रभाव लोगों की सेहत, शिक्षा, करियर और वित्तीय स्थिति आदि पर देखने को मिलता है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!