पश्चिम एशिया में गहराया संकट, अमेरिका के ईरान पर हवाई हमलों के बाद कुवैत और बहरीन की तरफ दागी गईं मिसाइलें विश्व एक महीने पहले 66
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने पूरे पश्चिम एशिया को दहला दिया है। अमेरिकी हमलों के जवाब में कुवैत और बहरीन की ओर मिसाइलें दागे जाने की सूचना है, जिसके बाद इन देशों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

तनाव की चपेट में पश्चिम एशिया

अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए जोरदार हवाई हमलों के बाद से पश्चिम एशिया में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। बुधवार का दिन इस पूरे क्षेत्र के लिए भारी उथल-पुथल भरा रहा, क्योंकि कुवैत और बहरीन ने अपनी हवाई सीमाओं की तरफ संदिग्ध मिसाइलें आने की जानकारी दी। इन हमलों की भनक लगते ही दोनों देशों ने अपनी वायु रक्षा प्रणालियों को तुरंत सक्रिय कर दिया है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इन मिसाइलों ने किसी विशिष्ट स्थान या सैन्य अड्डे को नुकसान पहुँचाया है या नहीं, लेकिन रक्षा प्रणालियों के एक्टिव होने से वहां की जनता में दहशत का माहौल है। कुवैत की सैन्य कमान ने पुष्टि की है कि अमेरिकी कार्रवाई के तत्काल बाद देश की सुरक्षा को देखते हुए एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह मुस्तैद कर दिया गया है।

बहरीन में सायरन की गूंज

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बहरीन में बुधवार सुबह अचानक मिसाइल हमले की चेतावनी देने वाले सायरन गूंज उठे। दूसरी तरफ, अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि ये हवाई हमले रणनीतिक थे। अमेरिका के अनुसार, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तीन जहाजों को अपना निशाना बनाया था, जिसके जवाब में यह कड़ा सैन्य कदम उठाया गया है। इतना ही नहीं, अमेरिका ने यह भी साफ कर दिया है कि वह ऐसी नीतियां अपनाएगा जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ईरान के लिए कच्चे तेल की बिक्री करना और भी जटिल हो जाएगा।

युद्ध के मुहाने पर क्षेत्र

इस ताजा हमले के बाद ईरान ने भी कड़े तेवर दिखाते हुए चेतावनी दी है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने को तैयार है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस जवाबी कार्रवाई से क्षेत्र में शांति के लिए हुआ अंतरिम समझौता पूरी तरह से विफल हो सकता है, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में भीषण युद्ध छिड़ने का खतरा पैदा हो गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार कार्यक्रम चल रहा है। गौरतलब है कि 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत के दौरान हुए एक हवाई हमले में खामेनेई की मृत्यु हो गई थी, और उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को संपन्न होना है।

बातचीत की उम्मीदों पर संकट

अंतिम संस्कार के इस गमगीन माहौल में भी राजनीतिक तनाव कम होता नहीं दिख रहा है। शोक सभाओं के दौरान कई स्थानों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के विरुद्ध हत्या की मांग वाले उग्र नारे लगाए गए। पहले यह उम्मीद की जा रही थी कि अंतिम संस्कार की रस्मों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच भविष्य के समझौते को लेकर बातचीत का दौर शुरू हो सकता है, लेकिन बुधवार को हुए इन हमलों ने शांति वार्ता की तमाम संभावनाओं पर अनिश्चितता के बादल गहरा दिए हैं।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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