मत्स्य पालकों के लिए नई सब्सिडी योजनाएं शुरू, तालाब-नाव-जाल और एरेशन सिस्टम पर मिलेगा अनुदान, जानें आवेदन की पूरी प्रक्रिया उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 28
वित्तीय वर्ष 2026-27 में मत्स्य विभाग ने मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, निषादराज बोट सब्सिडी योजना और एरेशन सिस्टम स्थापना योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन के पोर्टल खोल दिए हैं। मछली पालक 28 जून 2026 तक आवेदन कर 40% तक का अनुदान पा सकते हैं।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में मछली पालन से जुड़े जो युवा इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं और इसके लिए उन्होंने तालाब भी पट्टे पर ले रखे हैं, उनके लिए राहत भरी खबर है। ऐसे कई किसान लंबे समय से किसी सरकारी योजना का इंतजार कर रहे थे, जिसकी मदद से वे इस काम में और बेहतर प्रदर्शन कर सकें। अब मत्स्य विभाग द्वारा जारी की गई योजनाएं इन सभी मछली पालकों के लिए मददगार साबित हो सकती हैं।

कौन-कौन सी योजनाएं चल रही हैं

लोकल स्तर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिनोद कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में मत्स्य विभाग द्वारा संचालित राज्य सेक्टर की मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, निषादराज बोट सब्सिडी योजना तथा सघन मत्स्य पालन के लिए एरेशन सिस्टम की स्थापना योजना के अंतर्गत आम लोगों के लिए ऑनलाइन आवेदन के विभागीय पोर्टल खोल दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि यह पोर्टल 28 जून 2026 तक खुले रहेंगे, ताकि इच्छुक मछली पालक इस क्षेत्र में काम कर सकें। इन योजनाओं में विशेष रूप से सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है।

तालाब पट्टे पर 40 प्रतिशत अनुदान

बिनोद कुमार के अनुसार, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत जिन मछली पालकों ने पट्टे पर तालाब ले रखे हैं और जो इस तरह का प्रोजेक्ट लगाना चाहते हैं, उन्हें चार लाख तक की लागत पर विभाग द्वारा 40% अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। इससे वे मछली पालन के साथ-साथ उसके बीज के संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा सकेंगे।

नाव और जाल खरीदने पर भी राहत

उन्होंने बताया कि निषादराज बोट योजना के अंतर्गत मछुआरों को नाव, जाल सहित मत्स्य पालन से जुड़े अन्य उपकरण खरीदने पर भी 40% का अनुदान दिया जाएगा। इसका मकसद यह है कि किसान आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर सकें।

एरेशन सिस्टम कैसे है फायदेमंद

इसी तरह सघन मत्स्य पालन के लिए एरेशन सिस्टम की स्थापना हेतु भी सरकार विशेष रूप से सब्सिडी उपलब्ध करा रही है, ताकि इस दिशा में काम कर रहे सभी मछली पालक एरेशन सिस्टम लगवा सकें।

गर्मी के मौसम में यह सिस्टम पानी में ऑक्सीजन के स्तर को संतुलित रखता है, जिससे मछलियों की मृत्यु की आशंका बेहद कम हो जाती है। साथ ही यह मछलियों की ग्रोथ बढ़ाने में भी काफी मददगार साबित होता है। अधिकारी ने बताया कि अधिक जानकारी के लिए मछली पालक विभाग की वेबसाइट पर जा सकते हैं।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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