मऊ: तमसा नदी पर 50 साल पुराने जर्जर पुल पर भारी वाहनों का प्रवेश बंद, प्रशासन ने जारी की रोक उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 3
उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में तमसा नदी पर बने करीब 50 वर्ष पुराने पुल को विभागीय जांच में जर्जर पाए जाने के बाद उस पर भारी वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। दोनों सिरों पर बैरियर लगाकर ट्रक और डंपर जैसे वाहनों को रोकने की तैयारी की जा रही है।

उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में तमसा नदी पर बने पुल से अब कोई भी भारी वाहन नहीं गुजर सकेगा। विभागीय जांच में यह पुल जर्जर पाया गया है, जिसके चलते इस पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है। करीब 50 वर्ष पूर्व बना यह पुल अब अपनी निर्धारित क्षमता से अधिक भार सहने की स्थिति में नहीं रह गया है, और इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है।

करीब 50 वर्ष पहले बना था यह पुल

मऊ जनपद के मुहम्मदाबाद गोहना-घोसी मार्ग पर तमसा नदी पर बना यह 50 वर्ष पुराना पुल अब पूरी तरह जर्जर हालत में पहुंच चुका है। पुल की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए लोक निर्माण विभाग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों ने भारी वाहनों की आवाजाही रोकने की तैयारी आरंभ कर दी है। विभागीय टीम ने पुल का सर्वे कर मौके की स्थिति का निरीक्षण किया, जिसके बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुल पर बैरियर लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई।

इतने वर्ष पुराना होने के कारण पुल अब भारी वाहनों का बोझ नहीं उठा सकता। यही वजह है कि प्रशासन ने इस पर भारी वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।

दरारें और कमजोरी आने के बाद लगी रोक

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड सुदामा प्रसाद ने बताया कि तमसा नदी पर बना यह पुल 50 वर्ष पुराना है। लगातार भारी वाहनों के दबाव और बारिश के असर से पुल की सतह तथा किनारों पर दरारें दिखाई देने लगी हैं। पुल के निचले हिस्सों में भी कमजोरी सामने आई है।

उन्होंने बताया कि वाराणसी और लखनऊ से आई विभागीय टीमों ने पुल की जांच की, जिसमें यह पाया गया कि अब यह भारी वाहनों का भार नहीं झेल सकता। इसके बाद उच्च अधिकारियों को लिखित पत्र भेजकर पुल पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई।

पहले भी उठी थी मरम्मत की मांग

कुछ दिन पहले इस जर्जर पुल को लेकर खबर प्रमुखता से सामने आई थी, जिसमें क्षेत्रीय विधायक, व्यापार मंडल के अध्यक्ष और कई स्थानीय लोगों ने पुल की मरम्मत की मांग रखी थी। अब विभागीय जांच में पुल की स्थिति चिंताजनक पाए जाने के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है।

करीब 20 दिन पहले लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम पुल पर पहुंची थी। अधिकारियों ने पुल की क्षमता, दरारों और कंपन की स्थिति का परीक्षण किया। जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि भारी वाहनों के गुजरने पर पुल में कंपन महसूस होता है।

दोनों सिरों पर लगेंगे बैरियर

अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड सुदामा प्रसाद ने आगाह किया कि यदि समय रहते एहतियात नहीं बरती गई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसी आशंका के चलते पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकने का निर्णय लिया गया है।

अधिकारियों के अनुसार पुल के दोनों सिरों पर बैरियर लगाने की तैयारी की जा रही है, ताकि ट्रक, डंपर और अन्य भारी वाहन इससे न गुजर सकें और किसी भी प्रकार की दुर्घटना को टाला जा सके।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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