हिमाचल प्रदेश में कुदरत का कहर: मंडी-पठानकोट नेशनल हाईवे का एक बड़ा हिस्सा धंसा, भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्ट हिमाचल प्रदेश 9 घंटे पहले 10
मंडी जिले में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते मंडी-पठानकोट हाईवे पर बड़ा भूस्खलन हुआ है, जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर भारी वाहनों का मार्ग बदल दिया है और मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है।

लैंडस्लाइड से थमा ट्रैफिक

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में बीते कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को खासा प्रभावित किया है। इस बारिश के कारण मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर आपदा की स्थिति पैदा हो गई है। सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण इस हाईवे के एक बड़े हिस्से में अचानक भूस्खलन यानी लैंडस्लाइड होने से मार्ग का संपर्क टूट गया है। उरला के समीप स्थित चमड़ा नाला के पास हुई इस घटना ने बड़े वाहनों की रफ्तार पर पूरी तरह से ब्रेक लगा दिए हैं।

प्रशासन की कार्रवाई और वैकल्पिक मार्ग

सड़क धंसने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम पधर सुरजीत सिंह ने स्थिति का जायजा लेते हुए बताया कि फिलहाल मार्ग को छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए सुरक्षित मानकर खोल दिया गया है। हालांकि, भारी भरकम वाहनों को खतरे से बचाने के लिए प्रशासन ने उन्हें वैकल्पिक मार्ग से भेजने का निर्णय लिया है। वर्तमान में इन बड़े वाहनों को घटासनी-झंटिगरी मार्ग से निकाला जा रहा है। बारिश के दौर के रुकते ही जेसीबी मशीनों के माध्यम से पहाड़ी को काटकर रास्ता चौड़ा करने का प्रयास किया गया, लेकिन वहां मौजूद बड़ी चट्टानें मार्ग बहाली के कार्य में बाधा बन रही हैं।

गेबियन दीवार का निर्माण

एनएचएआई (NHAI) के साथ मिलकर प्रशासन अब इस समस्या का स्थायी समाधान ढूंढने में जुटा है। एसडीएम ने जानकारी दी है कि वाहनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए घटनास्थल पर जल्द ही गेबियन दीवार बनाई जाएगी। इस निर्माण कार्य को पूरा करने में लगभग 2 से 3 दिन का समय लग सकता है। प्रशासन ने क्षेत्र से गुजरने वाले सभी यात्रियों और चालकों से अपील की है कि बारिश के इस मौसम में हाईवे पर सफर करते समय पूरी सतर्कता बरतें।

राज्य में बंद सड़कों का हाल

राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र यानी SEOC की 23 अगस्त को सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सड़कों की स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है। पूरे राज्य में कुल 149 सड़कें वर्तमान में बंद हैं। इसके साथ ही 60 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (DTR) बाधित हुए हैं, जिससे कई क्षेत्रों में बिजली की समस्या खड़ी हो गई है। वहीं, 35 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। इन बंद सड़कों में सबसे अधिक 86 सड़कें अकेले मंडी जिले की हैं, जो भूस्खलन के कारण यातायात के लिए असुरक्षित हो गई हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 23 अगस्त के लिए अपने पूर्वानुमान में चेतावनी जारी की है। शिमला और उसके आसपास के इलाकों में आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बारिश की फुहारों की संभावना जताई गई है। वहीं, कांगड़ा, मंडी और चंबा जिलों के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ-साथ आंधी चलने और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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