देव कमरुनाग मेला 14 से 16 जून तक, गोहर प्रशासन ने तैयार किया विशेष ट्रैफिक रोड मैप, उमड़ने लगे श्रद्धालु हिमाचल प्रदेश 2 घंटे पहले 2
मंडी जिले के आराध्य देव कमरुनाग का ऐतिहासिक मेला 14, 15 और 16 जून को आयोजित होगा। गोहर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष यातायात और सुरक्षा प्रबंध किए हैं।

मंडी जिले के आराध्य देव कमरुनाग के ऐतिहासिक मेले को सफल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए गोहर प्रशासन ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं की आवाजाही और सुरक्षा की दृष्टि से व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

तीन प्रमुख मार्गों से पहुंच सकेंगे श्रद्धालु

डीएसपी हेडक्वार्टर दिनेश कुमार ने मेले के दौरान लागू रहने वाले यातायात एवं सुरक्षा प्रबंधों की जानकारी देते हुए बताया कि 14, 15 एवं 16 जून को श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष ट्रैफिक रोड मैप तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि देव कमरुनाग मंदिर तक पहुंचने के लिए तीन प्रमुख मार्गों से वाहनों की आवाजाही की अनुमति रहेगी।

इन मार्गों में चैलचौक से वाया सरोआ, वाया फंग्यार और वाया शाला शामिल हैं। वहीं, देव कमरुनाग से वापसी के दौरान सभी वाहनों को झौर से वाया जाछ मार्ग का ही उपयोग करना होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध गोहर पुलिस द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा के लिए तैनात रहेंगे 70 जवान

डीएसपी दिनेश कुमार के अनुसार मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 70 पुलिस एवं होमगार्ड जवान तैनात किए जाएंगे। ये जवान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में अपनी सेवाएं देंगे।

अभी से उमड़ने लगे भक्त

13 जून से ही देव कमरुनाग के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु देवता के दरबार में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। प्रदेश ही नहीं, बल्कि उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु और पर्यटक इस ऐतिहासिक मेले में पहुंचकर इसकी शोभा बढ़ाते हैं।

आस्था, संस्कृति और परंपरा का यह संगम हिमाचल प्रदेश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में विशेष स्थान रखता है। विशेष रूप से सोमवार 15 जून को साजे के अवसर पर श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ने की संभावना है। इस दिन देव कमरुनाग के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा एवं यातायात के व्यापक प्रबंध किए हैं।

एसडीएम ने की नियमों के पालन की अपील

एसडीएम गोहर देवी सिंह ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मेले के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन में सहयोग करें, स्वच्छता एवं सफाई व्यवस्था का विशेष ध्यान रखें तथा निर्धारित यातायात नियमों का पालन करें।

उन्होंने कहा कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम कभी भी बदल सकता है और वर्षा होने की संभावना बनी रहती है, इसलिए श्रद्धालु पूरी तैयारी के साथ मेले में पहुंचें और इस धार्मिक आयोजन की गरिमा एवं शोभा बढ़ाने में अपना योगदान दें।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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