'मेरी बेटी जैसी है, पैसों के लिए बेवफा नहीं हो सकती', सायोनी घोष की बगावत से सकते में महुआ मोइत्रा राष्ट्रीय राजनीति एक महीने पहले 21
तृणमूल कांग्रेस में चल रही बगावत के बीच लोकसभा स्पीकर को सौंपी गई 19 बागी सांसदों की सूची में सायोनी घोष का नाम सामने आने से पार्टी सांसद महुआ मोइत्रा हैरान हैं और उन्होंने इसे गहरा दुख पहुंचाने वाला फैसला बताया है।

तृणमूल कांग्रेस में मचे घमासान के बीच काकोली घोष की ओर से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को सौंपी गई 19 बागी सांसदों के समर्थन वाली चिट्ठी मीडिया में सामने आ चुकी है। इस सूची में सांसद सायोनी घोष का नाम शामिल है, और यही नाम पूरी पार्टी को हैरान कर रहा है। खास तौर पर सांसद महुआ मोइत्रा इस फैसले से पूरी तरह स्तब्ध हैं। वह यह समझ ही नहीं पा रही हैं कि सायोनी घोष ऐसा कदम कैसे उठा सकती हैं।

'सायोनी मेरी बच्ची और बहन जैसी है'

एक बातचीत में महुआ मोइत्रा ने कहा कि राजनीति में मेरिट और कड़ी मेहनत के मायने तो हैं ही, लेकिन वफादारी उन सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा कि सायोनी घोष ने उन्हें सच में आहत किया है। उनके मुताबिक सायोनी उनके लिए बच्ची और बहन जैसी रही हैं। मोइत्रा ने कहा कि अगर कोई और साथ छोड़ता तो उन्हें इतना दुख नहीं होता, लेकिन सायोनी को वह अपनी बेटी की तरह मानती रही हैं और उतना ही प्यार करती रही हैं।

मोइत्रा ने सायोनी की तारीफ करते हुए कहा कि उनका भविष्य बेहद उज्ज्वल है। उन्होंने बताया कि सायोनी शून्य से उठकर आगे बढ़ी हैं, बेहद मेहनती और प्रतिभाशाली हैं, लोगों से जुड़ती हैं और एक अच्छी इंसान हैं। उनके अनुसार सायोनी में सभी सही मूल्य मौजूद हैं और उन्होंने उन्हें एक विपक्षी नेता के रूप में आगे बढ़ते देखा है। मोइत्रा ने रेखांकित किया कि सायोनी महज 33 साल की हैं। ऐसे लोगों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें पता है कि लोग डरे हुए हैं, लेकिन जब तक डर पर जीत हासिल नहीं होती, तब तक कुछ भी नहीं जीता जा सकता।

'मुझे नहीं पता सायोनी को किस बात का डर है'

मोइत्रा ने कहा कि शायद यह डर और दूसरी बातों का मिला-जुला असर है। उन्होंने सायोनी के पिता का जिक्र करते हुए कहा कि वजह जो भी हो, वह यह गारंटी दे सकती हैं कि सायोनी सिर्फ मुनाफा कमाने वाली इंसान नहीं हैं और फायदे के लिए बेवफाई नहीं कर सकतीं। मोइत्रा के अनुसार सायोनी को पैसों में कोई दिलचस्पी नहीं है, वह बेहद सादा जीवन जीती हैं और हर समय काम में जुटी रहती हैं।

मोइत्रा ने याद दिलाया कि पार्टी ने सायोनी को सिर्फ पांच साल में बहुत कुछ दिया है। उन्होंने कहा कि सायोनी 2021 में पार्टी में शामिल हुईं, उन्हें विधायक का टिकट मिला, वह राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष बनीं और 2024 में उन्हें जादवपुर का टिकट दिया गया, जो कभी ममता बनर्जी की सीट रही और टीएमसी के लिए सबसे बड़ी सीट मानी जाती है। उन्होंने कहा कि जब ऐसे लोग जहाज छोड़ने के बारे में सोचते हैं तो यह बेहद परेशान करने वाला होता है। हर किसी की अपनी किस्मत होती है, फिर भी उनकी सलाह यही है कि डर पर काबू पाओ, उसे हराओ, क्योंकि आगे पूरी जिंदगी पड़ी है।

'अखरुज्जमां जैसे लोग किस मोदी प्रेम में गए हैं'

टीएमसी के इस हाल तक पहुंचने के सवाल पर मोइत्रा ने सहमति जताई, लेकिन साथ ही कहा कि जब सायोनी जैसा कोई व्यक्ति पलट जाए, तो किस पर भरोसा किया जाए। उन्होंने बताया कि बागी विधायक अखरुज्जमां 20 मई को मवेशी वध नियमों के खिलाफ बकरीद से जुड़ी याचिका दाखिल करने के लिए हाई कोर्ट में उनके साथ थे, और इसके बाद उन्होंने उन्हें यह कदम उठाते देखा।

मोइत्रा ने सबीना यास्मिन का भी जिक्र करते हुए कहा कि वह पूरे दिन हाई कोर्ट में उनके साथ बैठी रहीं। उन्होंने उन्हें सुप्रीम कोर्ट के एक वकील से मिलवाया और आगे की रणनीति पर सलाह दी, क्योंकि उन्हें डर था कि मोथाबारी केस में उन्हें निशाना बनाया जा सकता है। मोइत्रा ने कहा कि अब वही नेता डिप्टी लीडर बन गई हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब लोग सामने खुलेआम झूठ बोलें तो क्या किया जाए। उनके मुताबिक जो भी गया है, उसके पास कुछ न कुछ छिपाने को है। उन्होंने कहा कि अगर ये लोग सच में मोदी के प्रेम में जाते तो उन्हें कंगना की तरह खुलकर 'आई लव मोदी' कहना चाहिए था, जिसमें कुछ भी गलत नहीं है। मोइत्रा ने तंज कसते हुए पूछा कि आखिर ये लोग किसके लिए गए हैं — उसी मोदी के प्रेम में, जिनसे वे इतने लंबे समय तक नफरत करते रहे?

लोकसभा के 19 बागी सांसद

काकोली घोष की ओर से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को सौंपे गए पत्र में जिन 19 सांसदों के नाम दर्ज हैं, वे इस प्रकार हैं—

  1. काकोली घोष दस्तीदार
  2. शताब्दी रॉय
  3. बापी हलधर
  4. डॉ. शर्मिला सरकार
  5. प्रसून बंद्योपाध्याय
  6. जगदीश बर्मा बसुनिया
  7. असित कुमार मल
  8. अरूप चक्रवर्ती
  9. रचना बनर्जी
  10. सायोनी घोष
  11. खलीलुर रहमान
  12. अबू ताहिर खान
  13. यूसुफ पठान
  14. मिताली बाग
  15. माला रॉय
  16. कालीपद सोरेन
  17. दीपक अधिकारी
  18. जून मालिया
  19. पार्थ भौमिक

कैमरों से चेहरा छिपाती दिखीं सायोनी

बता दें कि लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के बगावत प्रकरण के बाद से सायोनी घोष पूरी तरह सुर्खियों से गायब हैं। गुरुवार को वह कोलकाता एयरपोर्ट पर दिखीं। आमतौर पर साड़ी में नजर आने वाली सायोनी इस बार जींस, टॉप, स्नीकर्स और टोपी पहने दिखीं। मीडिया के कैमरों से बचने के लिए उन्होंने मास्क से अपना चेहरा ढक रखा था।

बताया जा रहा है कि सायोनी घोष को बगावत के लिए सुष्मिता देव ने तैयार किया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से मुलाकात के बाद सुष्मिता देव ने टीएमसी के राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दे दिया है। सुष्मिता देव और सायोनी घोष को काफी अच्छे दोस्त माना जाता है, और कई मौकों पर दोनों के साथ पार्टी करने की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा होती रही हैं।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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