महाराष्ट्र के सबसे अमीर विधायक पराग शाह बने भिखारी, सड़क पर मांगी भीख और खाया खाना महाराष्ट्र 7 घंटे पहले 2
महाराष्ट्र के घाटकोपर ईस्ट से विधायक पराग शाह ने एक दिन के लिए भिखारी का जीवन जीकर सबको हैरान कर दिया है। उन्होंने अपने गुरु की सलाह पर यह सामाजिक अनुभव लिया।

महाराष्ट्र के विधायक का अनूठा अनुभव

महाराष्ट्र की राजनीति में अक्सर चर्चा में रहने वाले विधायक पराग शाह ने हाल ही में कुछ ऐसा किया कि हर कोई हैरान रह गया। 3400 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के मालिक पराग शाह ने एक दिन के लिए अपनी आलीशान जिंदगी छोड़कर एक भिखारी का जीवन जिया। घाटकोपर ईस्ट विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले पराग शाह ने न केवल भिखारी का वेश धारण किया, बल्कि सड़क पर उतरकर लोगों से भीख मांगी और उसी से अपना भोजन का प्रबंध भी किया।

गुरु की सीख और भिखारी बनने की वजह

इस अनोखे प्रयोग के पीछे की वजह धार्मिक और सामाजिक है। मिली जानकारी के अनुसार, जैन धर्म के चातुर्मास के दौरान पराग शाह के गुरु नम्रमुनि ने उन्हें यह विशेष सलाह दी थी। गुरु का मानना था कि यदि एक जन प्रतिनिधि को समाज के सबसे निचले और वंचित वर्ग की वास्तविक परिस्थितियों और उनकी चुनौतियों को करीब से समझना है, तो उन्हें एक दिन भिखारी के रूप में जीवन व्यतीत करना चाहिए।

अपनी सुरक्षा, सुख-सुविधाओं और अन्य संसाधनों से पूरी तरह दूर होकर पराग शाह ने मेकअप का सहारा लिया और भेष बदलकर आम लोगों के बीच निकल गए। इस दौरान उन्होंने कई सार्वजनिक स्थलों का दौरा किया। हैरानी की बात यह रही कि उनके बदले हुए स्वरूप के कारण उन्हें पहचानना लगभग नामुमकिन था, जिससे उन्हें एक आम भिखारी के तौर पर मिलने वाली प्रतिक्रियाओं का अनुभव मिला।

अनुभव साझा करने पर छिड़ी बहस

पराग शाह का यह कदम सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। जब उन्होंने दिन के अंत में अपना असली परिचय दिया, तो लोगों को इस बात पर यकीन ही नहीं हुआ कि उन्होंने अपने दिन की शुरुआत कैसे की थी। विधायक ने बाद में उन स्थानों का फिर से दौरा किया जहां उन्होंने भिक्षा मांगी थी और लोगों से बातचीत कर अपने अनुभव साझा किए।

हालांकि, यह पूरा घटनाक्रम अब एक नई बहस को भी जन्म दे रहा है। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या केवल कुछ घंटों या एक दिन का अनुभव किसी गरीब व्यक्ति के पूरे जीवन के संघर्ष और सामाजिक आर्थिक परिस्थितियों को समझने के लिए काफी है। फिर भी, एक बेहद रईस जनप्रतिनिधि का अपनी पहचान छिपाकर जमीन से जुड़ने का यह प्रयास समाज में संवेदनाओं के प्रति एक अलग दृष्टिकोण पेश करता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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