माफिया अतीक अहमद की अवैध साम्राज्य पर बड़ा प्रहार, ₹1,10,00,00,000 की जमीन कुर्क उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 2
प्रयागराज पुलिस ने माफिया अतीक अहमद की एक बड़ी बेनामी संपत्ति को जब्त कर लिया है। मजदूरों के नाम पर खरीदी गई इन जमीनों की कीमत करोड़ों में आंकी गई है।

प्रयागराज में माफिया की संपत्ति पर कार्रवाई

प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने माफिया अतीक अहमद और उसके गैंग की कमर तोड़ने के लिए एक बड़ी आर्थिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए अतीक अहमद की ₹1,10,00,00,000 मूल्य की बेशकीमती जमीन को कुर्क कर लिया है। यह संपत्ति अतीक अहमद और उसकी पत्नी के नाम पर दर्ज बेनामी संपत्ति थी, जिसे पुलिस ने अब अपने नियंत्रण में ले लिया है। पुलिस प्रशासन द्वारा इन भूखंडों पर कुर्की का आधिकारिक बोर्ड भी लगा दिया गया है। जांच में सामने आया है कि अतीक अहमद ने इन जमीनों को कुल 30 अलग-अलग आराजियों के माध्यम से हड़पा था और इन्हें चतुराई से मजदूरों के नाम पर खरीदा गया था।

कैसे हुआ जमीनी घोटाले का भंडाफोड़

अतीक अहमद ने अपने आपराधिक रसूख का इस्तेमाल करते हुए भिटी, गौसपुर कटौला, पीपल गांव और मौजा मंदरी जैसे इलाकों में करीब 30 आराजियों पर अवैध कब्जा कर रखा था। माफिया ने इन जमीनों को मदन नाम के एक मजदूर के नाम पर पंजीकृत कराया था। इसका मुख्य उद्देश्य यह था कि जब भी इन संपत्तियों को बाजार में बेचने की नौबत आए, तो मदन के माध्यम से रजिस्ट्री करवाकर अतीक गैंग का नाम कानूनी कागजों से दूर रखा जा सके। पुलिस कमिश्नर ने एक विशेष टीम गठित कर गैंग की अवैध संपत्तियों की छानबीन की, जिसके बाद यह बड़ा खुलासा हुआ और कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

मजदूर के बैंक खातों ने खोली पोल

पुलिस की पूछताछ के दौरान इस घोटाले की परतें खुलती गईं। जिस मजदूर मदन के नाम पर अरबों की जमीन खरीदी गई थी, उसका राशन कार्ड गरीबी रेखा से नीचे की श्रेणी में आता है। कैंट पुलिस ने जब उसके व्यक्तिगत बैंक खातों की जांच की, तो पाया गया कि उसमें पिछले कई वर्षों में ₹2,000 से अधिक का लेनदेन भी नहीं हुआ था। पुलिस की कड़ी पूछताछ और गहन जांच के बाद ही मदन के नाम पर मौजूद इस करोड़ों के जमीन घोटाले का पर्दाफाश हो सका।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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