राजगढ़: किचन में छिपे कोबरा ने स्कूल संचालक को डसा, झाड़फूंक के चक्कर में गई जान मध्य प्रदेश 2 महीने पहले 65
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां दूध रखने रसोई में गए एक निजी स्कूल संचालक को कोबरा सांप ने काट लिया। समय पर अस्पताल जाने के बजाय परिजन झाड़फूंक के फेर में पड़ गए, जिससे व्यक्ति की मौत हो गई।

रसोई में छिपा था मौत का फन

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के गांगाहोनी गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक 40 वर्षीय प्राइवेट स्कूल संचालक की सांप के काटने से जान चली गई। यह दुखद वाकया बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात का है। मृतक की पहचान विष्णु प्रसाद लववंशी के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के साथ इसी गांव में रहते थे। इस घटना ने न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।

दूध रखने गए थे किचन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, विष्णु प्रसाद बुधवार रात करीब 12 बजे अपने घर की रसोई में दूध का बर्तन रखने के लिए गए थे। सड़क किनारे स्थित उनके घर के किचन में अंधेरा था, और जैसे ही उन्होंने अंदर कदम रखा, उनका पैर गलती से वहां छिपे कोबरा सांप पर पड़ गया। खुद को सुरक्षित महसूस न करते हुए सांप ने तुरंत उनके पैर के अंगूठे में काट लिया। सांप के डसते ही घर में चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

झाड़फूंक बनी जान की दुश्मन

घटना के बाद परिजनों को तुरंत अस्पताल की ओर रुख करना चाहिए था, लेकिन वे अंधविश्वास के जाल में फंस गए। परिजन उन्हें उपचार के लिए सीधे अस्पताल ले जाने के बजाय तरेनी स्थित एक देव स्थान पर ले गए। वहां करीब आधे घंटे तक झाड़फूंक का सिलसिला चलता रहा, जबकि इस दौरान सांप का विष विष्णु प्रसाद के शरीर में लगातार दौड़ता रहा। जब हालत अत्यधिक बिगड़ने लगी, तब परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए निकले। दुर्भाग्यवश, रास्ते में लखनवास के पास विष्णु प्रसाद की सांसें थम गईं। समय रहते उचित चिकित्सा न मिल पाना ही उनकी मौत का मुख्य कारण बना। पुलिस ने गुरुवार को सुठालिया अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

विष्णु प्रसाद गांव में एक निजी स्कूल का संचालन करते थे और अपने सरल स्वभाव के लिए जाने जाते थे। उनके निधन से उनके परिवार का सहारा छिन गया है। वे अपने पीछे अपनी पत्नी और दो बच्चों, जिनकी आयु 11 और 13 वर्ष है, को छोड़ गए हैं। बच्चों के सिर से पिता का साया उठने से परिवार गहरे सदमे में है। गांव के लोग उनके समाजसेवी और मददगार व्यक्तित्व को याद कर भावुक हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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