मध्य प्रदेश एटीएस ने अंतरराज्यीय कट्टरपंथी नेटवर्क का किया पर्दाफाश, बिहार से मदरसा संचालक धराया मध्य प्रदेश 3 दिन पहले 11
मध्य प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते ने एक संदिग्ध अंतरराज्यीय कट्टरपंथी मॉड्यूल से जुड़े बिहार के मधुबनी निवासी मदरसा संचालक इजहार उल हक को गिरफ्तार किया है, जिसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तारियों की संख्या चार हो गई है।

मध्य प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने सोमवार को एक संदिग्ध अंतरराज्यीय कट्टरपंथी मॉड्यूल के मामले में बिहार में मदरसा चलाने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के साथ ही अब तक इस प्रकरण में कुल चार लोग दबोचे जा चुके हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह नई गिरफ्तारी बिहार के मधुबनी जिले से की गई है।

नाम न छापने की शर्त पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कथित मॉड्यूल के अब तक के सबसे उम्रदराज सदस्य इजहार उल हक (56) को बिहार एटीएस और स्थानीय पुलिस के सहयोग से मधुबनी से पकड़ा गया। उन्होंने बताया कि इजहार वहां एक मदरसा संचालित करता है।

जल्द मध्य प्रदेश लाया जाएगा आरोपी

अधिकारी के अनुसार, इजहार को मधुबनी की एक अदालत में पेश किया गया और उसे ट्रांजिट रिमांड पर मध्य प्रदेश लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आरोपी को बुधवार को मध्य प्रदेश लाए जाने की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि वही इस मॉड्यूल का मुख्य सरगना है, और पूछताछ के बाद ही उसकी असल भूमिका साफ हो सकेगी।

इस मामले में पहली गिरफ्तारी शुक्रवार को हुई थी, जब मध्य प्रदेश एटीएस ने भोपाल के काजी कैंप इलाके से शहर के ही निवासी मोहम्मद फराज (35) को हिरासत में लिया। इसके बाद एटीएस ने उसी दिन उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के ननौता से नईम अब्दुल्ला कुरैशी (38) और राजस्थान के अलवर जिले से मोहम्मद शाकिर (34) को गिरफ्तार किया।

अधिकारी ने बताया कि कुरैशी की गिरफ्तारी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश एटीएस की टीमों, उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (एसटीएफ) तथा केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के संयुक्त अभियान में हुई, जबकि शाकिर को मध्य प्रदेश और राजस्थान एटीएस की टीमों ने पकड़ा। जांच अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी कथित तौर पर एक बंद ऑनलाइन समूह से जुड़े थे, जिसे पाकिस्तान में बैठा एक 'हैंडलर' एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग मंच के जरिए संचालित करता था।

विदेशी आकाओं से साझा करते थे जानकारी

सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने यह सूचना साझा की कि विदेशी आका भारत में लोगों को कट्टरपंथी बनाने और भर्ती करने के लिए ऑनलाइन समूहों का इस्तेमाल कर रहे हैं। जांच अधिकारियों का दावा है कि भोपाल के एक निजी होम्योपैथी क्लिनिक में काम करने वाला फराज इस कथित नेटवर्क के सदस्यों के संपर्क में था और ऑनलाइन माध्यमों से प्रभावित हो रहा था।

सूत्रों ने बताया कि फराज और कुरैशी को 16 जून तक मध्य प्रदेश एटीएस की हिरासत में भेजा गया है, जबकि शाकिर को 20 जून तक एटीएस की हिरासत में रखा गया है। जांच अधिकारियों के अनुसार, कुरैशी ने ही करीब दो साल पहले फराज को इस ऑनलाइन समूह से जोड़ा था। पुलिस ने बताया कि दोनों ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के देवबंद स्थित एक मदरसे में साथ-साथ पढ़ाई की थी।

जांच अधिकारियों ने बताया कि एटीएस ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिजिटल सामग्री जब्त की है, जिनमें चरमपंथी साहित्य और ऑनलाइन समूह के माध्यम से कथित रूप से साझा किए गए वीडियो शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस नेटवर्क की प्रकृति और विस्तार, इसके आपसी संपर्क तथा सदस्यों के बीच हुई किसी भी संभावित योजना का पता लगाने के लिए जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार लोगों से पूछताछ आगे बढ़ने पर इस मामले से जुड़ी और विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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