उत्तर प्रदेश में मौसम का बिगड़ा मिजाज, भारी बारिश और आंधी-तूफान को लेकर IMD का हाई अलर्ट जारी उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 3
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए मूसलाधार बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। पश्चिमी यूपी में भारी बारिश का अनुमान है, जबकि पूर्वी हिस्सों में बाढ़ और जलभराव का खतरा बना हुआ है।

उत्तर प्रदेश में मौसम का हाल और IMD की चेतावनी

उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विभाग यानी IMD ने आने वाले समय के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी जारी की है। विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 4 सितंबर यानी शुक्रवार का दिन उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट

मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि शुक्रवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना है। इन इलाकों में मूसलाधार मानसूनी बौछारें और बादलों की गरज-चमक लोगों के लिए परेशानी का सबब बन सकती हैं। पश्चिमी यूपी के अनेक जिलों के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। कुछ विशेष क्षेत्रों में तो अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है, जिससे जलभराव और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से जारी भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को इस बारिश से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन प्रशासन ने आम नागरिकों को सावधानी बरतने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं से बचने की सलाह दी है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश में हल्की बारिश और बाढ़ का खतरा

पश्चिमी यूपी की तुलना में पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज कुछ अलग रहने वाला है। यहां शुक्रवार, 4 सितंबर को भारी बारिश की संभावना कम है और लोगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पूर्वी यूपी के कुछ सीमित स्थानों पर ही छिटपुट बारिश या गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की उम्मीद है। विभाग ने इस क्षेत्र के लिए कोई गंभीर चेतावनी या रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि, यहां बारिश भले ही कम हो, लेकिन लोगों को भारी उमस का सामना करना पड़ेगा, जो काफी कष्टकारी हो सकता है।

फ्लैश फ्लड और बाढ़ का संकट

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पहले से ही बाढ़ और फ्लैश फ्लड यानी अचानक आने वाली बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। चित्रकूट जिले में मंदाकिनी नदी के उफान ने पहले ही जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर रखा है। IMD ने एहतियात के तौर पर कई जिलों को फ्लैश फ्लड की चेतावनी के दायरे में रखा है। इनमें चित्रकूट, बांदा, फतेहपुर, कौशाम्बी, प्रयागराज, संत रविदास नगर यानी भदोही, मिर्जापुर, वाराणसी, हमीरपुर, ललितपुर, महोबा और झांसी शामिल हैं। इसके अलावा, राज्य के कई जिले पहले से ही बाढ़ की मार झेल रहे हैं, जिनमें अमरोहा, अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चंदौली, फर्रुखाबाद, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कन्नौज, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, प्रयागराज, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी का नाम प्रमुख है।

इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने विशेष रूप से बांदा, चित्रकूट, कन्नौज, कानपुर देहात, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा और झांसी के निवासियों को भारी बारिश को लेकर सचेत रहने को कहा है। इन जिलों में प्रशासनिक मशीनरी को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति का सामना किया जा सके। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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