UPTET 2026: उत्तर प्रदेश में 20 लाख परीक्षार्थियों के लिए 955 केंद्रों पर परीक्षा की तैयारी, योगी सरकार का बड़ा फैसला उत्तर प्रदेश 2 महीने पहले 71
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए योगी सरकार ने कमर कस ली है। राज्य के 60 जिलों में होने वाली इस परीक्षा के लिए व्यापक सुरक्षा और सुविधा इंतजाम किए जा रहे हैं।

परीक्षा की भव्य तैयारी

उत्तर प्रदेश में आगामी शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी UPTET-2026 के सफल आयोजन के लिए योगी सरकार ने युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। राज्य के कुल 60 जिलों में बनाए गए 955 परीक्षा केंद्रों पर इस बार करीब 20 लाख अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट रूप से अधिकारियों को निर्देशित किया है कि परीक्षा का आयोजन पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से मुक्त होना चाहिए। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता यह है कि परीक्षा में शामिल होने वाले प्रत्येक उम्मीदवार को बिना किसी भय या तनाव के परीक्षा देने का अनुकूल माहौल मिल सके।

यात्रियों और परीक्षार्थियों के लिए विशेष इंतजाम

चूंकि इस परीक्षा में उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों के उम्मीदवार भी बड़ी संख्या में शामिल होंगे, इसलिए मुख्यमंत्री ने परिवहन और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और परीक्षा केंद्रों के आसपास यात्रियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो। आने-जाने के साधनों की सुचारू उपलब्धता के साथ-साथ सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी अभ्यर्थी को ठहरने की आवश्यकता पड़ती है, तो उसके लिए भी पहले से व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक जिले में एक सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जो परीक्षा के दौरान किसी भी समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेगा।

सेवारत शिक्षकों के लिए विशेष नीति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए घोषणा की है कि जो शिक्षक पहले से ही सरकारी सेवा में तैनात हैं, उनके लिए एक अलग विशेष TET परीक्षा आयोजित की जाएगी। इससे वे शिक्षक भी अपनी योग्यता में सुधार कर सकेंगे जो वर्तमान में कार्य कर रहे हैं। साथ ही, जो सेवारत शिक्षक 2, 3 और 4 जुलाई को आयोजित होने वाली UPTET-2026 परीक्षा में सम्मिलित होंगे, उन्हें विभाग द्वारा विशेष अवकाश प्रदान किया जाएगा। इस निर्णय का उद्देश्य यह है कि शिक्षकों को अपनी ड्यूटी और परीक्षा के बीच किसी भी प्रकार के मानसिक दबाव या प्रशासनिक कठिनाई का सामना न करना पड़े।

सुविधाओं और सुरक्षा पर जोर

सरकार की मंशा 20 लाख से अधिक उम्मीदवारों को समान अवसर प्रदान करने की है। परीक्षा केंद्रों पर बिजली की निर्बाध आपूर्ति, साफ पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा यानी मेडिकल सुविधा और यातायात प्रबंधन को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि परीक्षा आयोजन में किसी भी स्तर पर होने वाली लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य इस विशाल परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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