बुंदेलखंड में दो नए AIIMS की मांग से BJP को कैसे होगा फायदा? समझिए पूरा सियासी गणित उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 4
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकसित उत्तर प्रदेश-2047 विजन डॉक्युमेंट में बुंदेलखंड के लिए दो नए एम्स की मांग की है। यह कदम जहां क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देगा, वहीं 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को सियासी लाभ भी पहुंचा सकता है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत' के सामूहिक संकल्प से प्रेरणा लेते हुए विकसित उत्तर प्रदेश-2047 विजन डॉक्युमेंट तैयार किया है। इस दस्तावेज में सबसे अहम मांग बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए दो नए एम्स की रखी गई है। सवाल यह है कि इन एम्स का फायदा सिर्फ आम जनता को मिलेगा या इसका लाभ भाजपा को भी पहुंचेगा। आइए, पूरे समीकरण को समझते हैं।

सत्ता में आने के बाद से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उनके कार्यकाल में कई एक्सप्रेसवे बनकर आम जनता को सौंपे गए, वहीं जेवर एयरपोर्ट भी बनकर तैयार खड़ा है। अब उन्होंने विकसित उत्तर प्रदेश-2047 विजन डॉक्युमेंट के जरिए बुंदेलखंड के लिए दो नए एम्स की मांग सामने रखी है। राज्य में दो और एम्स बनने से बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिलेगी और साथ ही भाजपा को भी बड़ा राजनीतिक लाभ हो सकता है।

नीति आयोग की बैठक में रखी मांग

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की बैठक में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत' के सामूहिक संकल्प से प्रेरित होकर उत्तर प्रदेश में विकसित उत्तर प्रदेश-2047 विजन डॉक्युमेंट तैयार किया गया है। इस मौके पर उन्होंने बताया कि प्रदेश में 72 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए केंद्र की ओर से तय 11.84 लाख रुपये की लागत के साथ प्रदेश सरकार 30.22 लाख रुपये खर्च कर रही है। उन्होंने आंगनबाड़ी भवन निर्माण की निर्धारित लागत बढ़ाने की मांग रखी और कहा कि टेक होम राशन को थोक मूल्य सूचकांक से जोड़ना बेहतर होगा।

दो एम्स की मांग और बुंदेलखंड का महत्व

इसी बैठक में मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड के लिए दो एम्स की मांग भी रखी। गौरतलब है कि बुंदेलखंड वही क्षेत्र है, जो 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा और मुख्यमंत्री योगी के लिए बेहद मजबूत साबित हुआ था।

2022 में कैसा रहा भाजपा का प्रदर्शन?

साल 2022 में बुंदेलखंड की 19 विधानसभा सीटों में से भाजपा गठबंधन ने 16 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इनमें 14 सीटें भाजपा को और 2 सीटें सहयोगी दल अपना दल को मिली थीं। समाजवादी पार्टी को इस क्षेत्र में केवल 3 सीटों पर ही सफलता मिल सकी थी। वहीं 2017 के चुनाव में भाजपा ने बुंदेलखंड की सभी 19 सीटों पर जीत हासिल कर क्लीन स्वीप किया था।

तब किन वजहों से मिला था फायदा?

भाजपा ने चुनाव के दौरान कई बड़ी परियोजनाओं को प्रमुखता से जनता के सामने रखा था, जिनका सीधा असर नतीजों पर पड़ा।

  • केन-बेतवा रिवर लिंक प्रोजेक्ट
  • बुंदेलखंड डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर
  • सड़क, सिंचाई और पेयजल से जुड़ी परियोजनाएं

क्या इस ऐलान से भाजपा को मिलेगा लाभ?

एम्स की मांग के बाद उम्मीद की जा रही है कि इसका असर 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में देखने को मिलेगा। भाजपा यह संदेश देने में सफल होगी कि उसने बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्र के लिए बड़े स्वास्थ्य ढांचे की पहल की है। इससे डबल इंजन सरकार और विकास की राजनीति को बल मिलेगा। बुंदेलखंड 2022 में भाजपा का मजबूत गढ़ रहा है, ऐसे में इस तरह की बड़ी परियोजनाएं क्षेत्र में पार्टी के पक्ष में सकारात्मक माहौल बनाए रखने में मदद कर सकती हैं।

आम जनता को क्या मिलेगा?

अगर बुंदेलखंड में दो नए AIIMS स्थापित होते हैं, तो इसका सबसे बड़ा लाभ स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और क्षेत्रीय विकास के रूप में सामने आएगा।

बुंदेलखंड को होने वाले फायदे

गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा। फिलहाल बुंदेलखंड के कई मरीजों को इलाज के लिए लखनऊ, दिल्ली, कानपुर या भोपाल का रुख करना पड़ता है। एम्स बनने के बाद कैंसर, हृदय रोग, न्यूरोलॉजी और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज क्षेत्र में ही संभव हो सकेगा।

दो करोड़ से ज्यादा लोगों को राहत

बुंदेलखंड उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई जिलों में फैला हुआ है। एक बड़ा एम्स पूरे क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा सकता है, जिससे इलाज की दूरी और खर्च दोनों कम होंगे।

हजारों रोजगार के अवसर

एम्स बनने से डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, तकनीशियन और प्रशासनिक कर्मचारियों की नौकरियां निकलेंगी। साथ ही निर्माण कार्य और आसपास के व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा।

मेडिकल शिक्षा का बड़ा केंद्र

एम्स में MBBS, PG और रिसर्च की सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। इससे स्थानीय युवाओं को बेहतर मेडिकल शिक्षा और प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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