योगी सरकार की पहल से प्रदेश में हवाई संपर्क को मिल रहा नया विस्तार उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 6
उत्तर प्रदेश सरकार गोरखपुर, आगरा, कानपुर, अलीगढ़, मुरादाबाद और श्रावस्ती हवाई अड्डों के विस्तार पर तेजी से काम कर रही है। हजारों करोड़ रुपये के निवेश से प्रदेश में हवाई संपर्क और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिल रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में नागरिक उड्डयन क्षेत्र का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। राज्य सरकार हवाई संपर्क को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से नए हवाई अड्डों, टर्मिनल भवनों के निर्माण तथा पहले से मौजूद हवाई अड्डों के विस्तार पर निरंतर कार्य कर रही है। नागरिक उड्डयन विभाग की प्रगति रिपोर्ट बताती है कि गोरखपुर, आगरा, कानपुर, अलीगढ़, मुरादाबाद और श्रावस्ती की एयरपोर्ट परियोजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

गोरखपुर में नया सिविल टर्मिनल

गोरखपुर एयरपोर्ट से उड़ानों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसे देखते हुए राज्य सरकार ने यहां एक नया सिविल टर्मिनल विकसित करने का फैसला लिया है। इस उद्देश्य से भारतीय वायुसेना की 42.14 एकड़ भूमि के हस्तांतरण के लिए जून 2025 में उत्तर प्रदेश सरकार, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और रक्षा मंत्रालय के बीच एमओयू किया गया। परियोजना के तहत परिसंपत्तियों के विस्थापन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। फिलहाल यहां से औसतन 12 उड़ानों का संचालन किया जा रहा है।

आगरा एयरपोर्ट पर निर्माण कार्य जारी

आगरा में नए सिविल टर्मिनल के निर्माण के लिए पहले ही 52 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है, जबकि 92.50 एकड़ अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण भी किया गया है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा कराए जा रहे इस निर्माण कार्य की भौतिक प्रगति लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।

कानपुर एयरपोर्ट के विस्तार की तैयारी

कानपुर एयरपोर्ट के लिए राज्य सरकार और एएआई के बीच हुए समझौते के अंतर्गत 50 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई थी, जिस पर लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से नया सिविल टर्मिनल तैयार किया गया। इसका लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर चुके हैं। इस समय यहां से चार उड़ानों का संचालन हो रहा है। अब टर्मिनल परिसर के और विस्तार के लिए लगभग 100 एकड़ अतिरिक्त भूमि का प्रस्ताव विचाराधीन है।

अलीगढ़ एयरपोर्ट पर खर्च होंगे 738 करोड़ रुपये

अलीगढ़ एयरपोर्ट का विकास कार्य 2024 में पूरा हुआ था और अब राज्य सरकार ने इसके बड़े पैमाने पर विस्तार का निर्णय लिया है। इसके लिए 275.74 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण हेतु 738.60 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। अधिकांश भूमि खरीदी जा चुकी है और शेष भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।

मुरादाबाद में चल रही तकनीकी प्रक्रिया

मुरादाबाद हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का कार्य 2024 में पूरा हुआ था। अब इसके विस्तार के लिए चिन्हित भूमि को लेकर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और राज्य सरकार के बीच तकनीकी प्रक्रियाएं चल रही हैं। भू-निर्देशांकों के सत्यापन तथा मास्टर प्लान के अनुरूप भूमि की उपलब्धता पर काम किया जा रहा है।

श्रावस्ती एयरपोर्ट के लिए 350 करोड़ स्वीकृत

श्रावस्ती एयरपोर्ट का विकास भी आरसीएस योजना के तहत वर्ष 2024 में पूरा किया गया था। विस्तार के लिए 226.75 हेक्टेयर भूमि के सापेक्ष 218 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है, जबकि शेष भूमि के अधिग्रहण की कार्रवाई जारी है। इस परियोजना के लिए 350 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।

हवाई संपर्क बढ़ाने पर सरकार का जोर

प्रदेश सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों को बेहतर हवाई संपर्क से जोड़ना है, ताकि पर्यटन, उद्योग, निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिल सके। नागरिक उड्डयन क्षेत्र में हो रहे ये निवेश राज्य की आर्थिक प्रगति और क्षेत्रीय विकास को नई रफ्तार देने में सहायक होंगे।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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