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45 मिनट पहले
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विरोध के बीच गरमाया बिहार का मुद्दा
बिहार के सिवान जिले में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस द्वारा एके-47 राइफल लहराने और उसे तानने की घटना ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी NDA की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) की सांसद शांभवी चौधरी ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए छात्रों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है। सांसद चौधरी ने सोमवार को स्पष्ट रूप से कहा कि देशभर में विरोध प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज करना और उन पर एके-47 जैसी घातक राइफलों का इस्तेमाल करना सरासर गलत है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि वह इस तरह की कार्रवाई के पूरी तरह खिलाफ हैं।
लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का महत्व
संसद भवन परिसर में मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए शांभवी चौधरी ने लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हमारे लोकतांत्रिक ढांचे की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि हर नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का पूरा अधिकार प्राप्त है। सांसद ने जोर देकर कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का हमेशा स्वागत किया जाना चाहिए और युवाओं को यह संवैधानिक अधिकार है कि वे व्यवस्था में अपनी भागीदारी निभाएं और अपनी समस्याओं को सामने रखें।
असामाजिक तत्वों पर कानून की बात
शांभवी चौधरी ने इस विषय पर एक संतुलित दृष्टिकोण रखते हुए यह भी स्वीकार किया कि प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था का ध्यान रखना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ताओं ने भी यह माना है कि कई बार विरोध प्रदर्शनों की आड़ में असामाजिक तत्व अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं। ऐसी स्थितियों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी होती है। हालांकि, उन्होंने दोहराया कि उपद्रवियों को रोकने के नाम पर छात्रों के खिलाफ एके-47 का प्रदर्शन या उन पर लाठीचार्ज करना कतई स्वीकार्य नहीं है।
सीवान की घटना पर बड़ी कार्रवाई
हाल ही में बिहार के सीवान से एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें एक पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारी छात्रों के सामने एके-47 राइफल का इस्तेमाल करते हुए दिखाई दिया। इस घटना के बाद सीवान के पुलिस अधीक्षक (SP) पूरण कुमार झा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, सीवान में हुए इस प्रदर्शन के दौरान हुई गोलीबारी की घटना में 3 छात्र घायल भी हुए थे। सरकार ने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए आरोपी जवान के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की है, और अब यह मुद्दा संसद के गलियारों में भी गूंज रहा है।
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