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एक घंटा पहले
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आदित्य बिड़ला ग्रुप से मिली बड़ी मदद
आर्थिक दबाव से जूझ रही टेलीकॉम दिग्गज वोडाफोन आइडिया को अपने प्रमोटर आदित्य बिड़ला ग्रुप से बड़ी राहत मिली है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी आधिकारिक सूचना में बताया है कि उसने अपनी प्रमोटर इकाई सूर्याजा इन्वेस्टमेंट्स पीटीई लिमिटेड को वारंट जारी किए हैं। इस प्रक्रिया के जरिए कंपनी ने 1182.50 करोड़ रुपये की राशि जुटाई है। वोडाफोन आइडिया का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नकद प्रवाह जुटाना है, जिसमें यह निवेश एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा।
क्या है वारंट जारी करने की गणित
वोडाफोन आइडिया ने 11 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 430 करोड़ वारंट आवंटित किए हैं। इस सौदे की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- प्रमोटर ग्रुप ने कुल रकम का 25 प्रतिशत यानी 1182.50 करोड़ रुपये का भुगतान शुरुआती राशि के तौर पर कर दिया है।
- बाकी बची 75 प्रतिशत रकम का भुगतान प्रमोटर को अगले 18 महीनों के भीतर करना होगा।
- भुगतान पूरा होने के बाद प्रत्येक वारंट को 10 रुपये के फेस वैल्यू और 1 रुपये के प्रीमियम पर इक्विटी शेयर में बदल दिया जाएगा।
वारंट का मतलब और असर
कॉरपोरेट जगत में वारंट एक ऐसा वित्तीय साधन है जो निवेशकों को पूर्व-निर्धारित कीमत पर शेयर खरीदने का अधिकार देता है। सरल शब्दों में, आदित्य बिड़ला ग्रुप ने 11 रुपये का भाव लॉक कर दिया है और 25 प्रतिशत 'बयाना' देकर इन शेयरों को सुरक्षित कर लिया है। यह कदम कंपनी को तुरंत तरलता यानी लिक्विडिटी उपलब्ध कराने में मदद करता है। अगर 18 महीने की अवधि में बाकी भुगतान नहीं किया जाता है, तो वारंट की वैल्यू खत्म हो जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रमोटर का यह भरोसा कंपनी के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
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