टीसीएस को बड़ा झटका, ट्रेड सीक्रेट चोरी मामले में चुकाने ही पड़ेंगे ₹1400 करोड़; अमेरिकी कोर्ट ने अर्जी ठुकराई व्यापार एक महीने पहले 22
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टीसीएस की वह याचिका सुनने से इनकार कर दिया जिसमें कंपनी ने 168 मिलियन डॉलर के जुर्माने को चुनौती दी थी। अब डीएक्ससी टेक्नोलॉजी के व्यापारिक रहस्य चुराने के मामले में कंपनी को करीब 1,400 करोड़ रुपये चुकाने ही होंगे।

भारत की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को अमेरिका में चल रही कानूनी लड़ाई में करारा झटका लगा है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी की उस याचिका को सुनने से ही इनकार कर दिया है, जिसके जरिए टीसीएस ने अपने ऊपर लगे 168 मिलियन डॉलर (करीब 1,400 करोड़ रुपये) के जुर्माने को चुनौती दी थी। शीर्ष अदालत के इस रुख के बाद अब कंपनी के पास अपील का कोई रास्ता नहीं बचा है और उसे यह रकम चुकानी ही पड़ेगी।

क्या है पूरा मामला

यह जुर्माना अमेरिकी कंपनी डीएक्ससी टेक्नोलॉजी (DXC Technology) के लाइफ इंश्योरेंस सॉफ्टवेयर से जुड़े 'ट्रेड सीक्रेट्स' यानी व्यापारिक गोपनीयता को अवैध तरीके से चुराने और उसका इस्तेमाल करने के आरोप में लगाया गया है। निचली अदालत ने टीसीएस को दोषी मानते हुए यह जुर्माना तय किया था, जिसके खिलाफ कंपनी देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुंची थी।

सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को टीसीएस की याचिका पर सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया। इसके साथ ही टाटा समूह की इस प्रमुख आईटी कंपनी की अमेरिका में चल रही कानूनी मुश्किलें अपने चरम पर पहुंच गई हैं। अदालत के इस फैसले का सीधा मतलब है कि अब अपील के सभी कानूनी विकल्प कंपनी के लिए बंद हो चुके हैं।

2019 में दर्ज हुआ था मुकदमा

इस विवाद की शुरुआत साल 2019 में हुई थी, जब डीएक्ससी की पूर्ववर्ती कंपनी कंप्यूटर साइंसेज कॉर्प (CSC) ने डलास की फेडरल कोर्ट में टीसीएस के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। सीएससी ने 1990 के दशक में अपना बेहद गोपनीय लाइफ इंश्योरेंस सॉफ्टवेयर 'ट्रान्सअमेरिका' (Transamerica) नामक बीमा कंपनी को लाइसेंस पर मुहैया कराया था।

कर्मचारियों को लेकर भी आरोप

डीएक्ससी का यह भी आरोप रहा है कि टीसीएस ने ट्रान्सअमेरिका के करीब 2,200 कर्मचारियों को अपने यहां नौकरी पर रख लिया। इन्हीं घटनाक्रमों को आधार बनाकर कंपनी पर व्यापारिक रहस्य चुराने का मामला बना, जिसका अंतिम नतीजा अब टीसीएस के खिलाफ आया है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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