ई-रिक्शा की अचानक रुकने वाली समस्या: हैकिंग नहीं, बल्कि सस्ते चीनी पार्ट्स का खेल व्यापार एक महीने पहले 68
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ई-रिक्शा बंद होने के वीडियो के पीछे कोई बड़ी हैकिंग नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों की कमी वाली चीनी बैटरियां जिम्मेदार हैं।

वायरल वीडियो और ई-रिक्शा चालकों में दहशत

इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुछ चिंताजनक वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिन्हें देखकर ई-रिक्शा चालक सहमे हुए हैं। इन वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे कुछ शरारती तत्व अपने मोबाइल का एक बटन दबाते हैं और सड़क पर तेजी से दौड़ रहा ई-रिक्शा अचानक बंद हो जाता है। यह स्थिति न केवल रिक्शा चालकों की जीविका पर सीधा प्रहार कर रही है, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए भी बड़े हादसों का कारण बन सकती है। सवारी से भरा हुआ वाहन अचानक रुक जाने से बड़ी दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।

क्या है पूरा मामला और BAT-BMS ऐप की भूमिका

इस पूरी घटना के पीछे BAT-BMS नाम के एक चीनी एंड्रॉयड ऐप का नाम सामने आया है। इस ऐप को चीन की कंपनी शेन्जेन ग्रेनर्जी टेक्नोलॉजी द्वारा तैयार किया गया है। तकनीकी दृष्टिकोण से देखें तो यह कोई वायरस या खतरनाक हैकिंग टूल नहीं है। यह असल में एक वैध मॉनिटरिंग टूल है जिसे लिथियम-आयन बैटरियों के वोल्टेज और उनकी कार्यक्षमता पर नजर रखने के लिए बनाया गया है।

क्यों और कैसे हो रही है यह गड़बड़ी

असली समस्या तकनीक में नहीं, बल्कि उन सस्ती और निम्न गुणवत्ता वाली बैटरियों में है जिनका उपयोग भारत में धड़ल्ले से हो रहा है। इन बैटरियों के साथ आने वाले ब्लूटूथ सिस्टम में निर्माताओं ने कोई पासवर्ड सुरक्षा या एक्सेस कंट्रोल जैसा फीचर नहीं दिया है। इसका फायदा उठाकर कोई भी व्यक्ति, जो रिक्शा के 10 से 15 मीटर की दूरी के भीतर मौजूद हो, इस ऐप को डाउनलोड करके बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़ सकता है। ऐप में मौजूद डिस्चार्ज स्विच को दबाते ही वाहन की मोटर पावर कट जाती है और रिक्शा चलते-चलते ठप हो जाता है।

कानूनी कार्रवाई और पुलिस की भूमिका

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। हाल ही में उज्जैन में पुलिस ने एक ऐसे फर्जी मैकेनिक को गिरफ्तार किया है, जो इसी ऐप का दुरुपयोग करके चलते ई-रिक्शा को बंद कर देता था और फिर चालकों को डरा-धमकाकर उनसे पैसे वसूलता था। यह साफ है कि यह कोई हाई-टेक हैकिंग नहीं है, बल्कि सुरक्षा फीचर्स की कमी वाले हार्डवेयर का दुरुपयोग है। जानकारों का कहना है कि सुरक्षा के लिए मजबूत पासवर्ड और बेहतर एक्सेस मैनेजमेंट वाली बैटरियों का उपयोग करना ही इस समस्या का एकमात्र समाधान है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप