जनरल मोटर्स ने फैक्ट्री में तैनात किए 50 रोबोट, 1000 से अधिक कर्मचारियों की नौकरियों पर संकट व्यापार एक महीने पहले 74
अमेरिकी ऑटोमोबाइल दिग्गज जनरल मोटर्स ने अपने मिशिगन प्लांट में 50 नए रोबोट शामिल किए हैं, जिसके बाद 1000 से अधिक कर्मचारियों के भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

फैक्ट्री में रोबोट्स की एंट्री

अमेरिका की जानी-मानी वाहन निर्माता कंपनी जनरल मोटर्स ने ऑटोमेशन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने मिशिगन स्थित अपने 'फैक्ट्री जीरो' प्लांट में 50 नए सहयोगी रोबोट, जिन्हें 'कोबोट' कहा जाता है, तैनात किए हैं। यह प्लांट कंपनी के इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण के लिए बेहद अहम माना जाता है। कंपनी का तर्क है कि इन मशीनों को उत्पादन को तेज, आधुनिक और अधिक सुरक्षित बनाने के मकसद से लाया गया है।

1000 से ज्यादा कामगार प्रभावित

इस तकनीकी बदलाव के बाद 1,000 से अधिक कर्मचारियों पर सीधा असर पड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक, इन कर्मचारियों को फिलहाल काम से अलग कर दिया गया है। कंपनी ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इन प्रभावित लोगों को कब तक वापस काम पर रखा जाएगा। इस अनिश्चितता ने न केवल कर्मचारियों बल्कि उनके परिवारों के मन में भी भविष्य को लेकर डर पैदा कर दिया है।

क्या है कंपनी का पक्ष

जनरल मोटर्स का दावा है कि इन रोबोट्स का उद्देश्य इंसानों की जगह लेना नहीं, बल्कि उनके कार्यभार को कम करना है। कंपनी के प्रवक्ता का कहना है कि मशीनों की मदद से कठिन और चुनौतीपूर्ण कामों को बेहतर ढंग से अंजाम दिया जा सकेगा, जिससे कार्यस्थल पर सुरक्षा और काम की दक्षता बढ़ेगी। कंपनी इसे प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए जरूरी बदलाव मान रही है।

यूनियनों ने किया विरोध

दूसरी तरफ, श्रमिक संगठनों ने कंपनी के इस कदम का कड़ा विरोध किया है। यूनियनों का आरोप है कि ऑटोमेशन की आड़ में नौकरियों में कटौती की जा रही है। उनका मानना है कि रोबोट्स को सहायक बताने का दावा सिर्फ एक दिखावा है, और अगर उत्पादन में मशीनों का दखल इसी तरह बढ़ता रहा, तो आने वाले समय में रोजगार के अवसर और भी कम हो जाएंगे। इस मुद्दे पर कई स्तरों पर विरोध और शिकायतें दर्ज की गई हैं।

AI और बदलता वैश्विक परिदृश्य

यह घटना केवल एक फैक्ट्री तक सीमित नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया भर की कंपनियां अब पारंपरिक नौकरियों की जगह AI और ऑटोमेशन सिस्टम पर जोर दे रही हैं। जनरल मोटर्स ने हाल के दिनों में अपने आईटी और इंजीनियरिंग विभागों में भी कर्मचारियों की छंटनी की है। यह बदलाव संकेत दे रहा है कि आने वाले समय में कामगारों के लिए नई तकनीकी दक्षता हासिल करना अनिवार्य हो जाएगा, क्योंकि श्रम बाजार तेजी से 'स्किल्स स्वैप' के दौर की तरफ बढ़ रहा है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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