FSSAI का कड़ा एक्शन: एवरेस्ट मसालों में मिले खतरनाक कीटनाशक, बाजार से वापस मंगाने का फरमान व्यापार 12 घंटे पहले 2
खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स के जीरा पाउडर में तय सीमा से ज्यादा कीटनाशक पाए जाने के बाद उसे बाजार से वापस मंगाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही एक इकाई का लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया है।

एवरेस्ट मसालों पर संकट, एफएसएसएआई ने लिया बड़ा फैसला

भारतीय रसोई में अपनी जगह बना चुके एवरेस्ट मसालों पर अब खाद्य नियामक की सख्ती बढ़ गई है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी एफएसएसएआई ने कंपनी के उत्पादों की जांच के बाद एक सख्त निर्देश जारी किया है। नियामक ने पाया है कि कंपनी के जीरा पाउडर में निर्धारित मानकों से अधिक मात्रा में कीटनाशक मौजूद हैं, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकते हैं। इस गंभीर लापरवाही के चलते नियामक ने कंपनी को अपने संबंधित उत्पादों को तत्काल प्रभाव से बाजार से वापस मंगाने का आदेश दिया है।

लाइसेंस रद्द और सख्त निर्देश

केवल उत्पादों को वापस मंगाने तक ही यह कार्रवाई सीमित नहीं है। एफएसएसएआई ने स्वच्छता संबंधी गंभीर खामियों के चलते क्रिएटिव बेकर्स एंड कन्फेक्शनर्स प्राइवेट लिमिटेड का खाद्य लाइसेंस भी तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। नियामक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना प्राथमिकता है और इसी कड़ी में यह कार्रवाई की गई है।

जांच में ऐसे सामने आई गड़बड़ी

इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब गोवा के रिवरसाइड रिजॉर्ट्स एंड हॉलिडे होम्स प्राइवेट लिमिटेड के परिसर से जीरा पाउडर का नमूना एकत्र किया गया था। इस नमूने को परीक्षण के लिए खाद्य विश्लेषक के पास भेजा गया, जिसकी रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। रिपोर्ट के मुताबिक, नमूने में एजोक्सीस्ट्रोबिन और थायामेथोक्साम नामक कीटनाशकों के अंश पाए गए। ये अवशेष स्वीकार्य सीमा से काफी अधिक थे, जिसके कारण खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत इसे असुरक्षित की श्रेणी में रखा गया।

कंपनी का दावा खारिज

नियामक ने अपनी प्रक्रिया के तहत कंपनी को इस जांच रिपोर्ट के खिलाफ अपील करने का पूरा अवसर दिया था। कंपनी की अपील के बाद, उक्त नमूने को दोबारा जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला में भेजा गया। हालांकि, वहां की गई विस्तृत जांच में भी पहले वाले नतीजों की ही पुष्टि हुई। प्रयोगशाला ने भी यह पाया कि दोनों कीटनाशकों की मौजूदगी तय मानकों से ज्यादा है, और नमूने को एक बार फिर से असुरक्षित करार दिया गया। इसके बाद एफएसएसएआई ने संबंधित खेप के जीरा पाउडर को बाजार से पूरी तरह से हटाने का निर्देश जारी किया।

अब आगे क्या करना होगा कंपनी को?

प्राधिकरण ने एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे बाजार से वापस मंगाए गए उत्पादों का पूरा विवरण और रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। कंपनी को इस प्रक्रिया को पूरा करने के बाद नियामक को इसकी विस्तृत रिपोर्ट भी सौंपनी होगी। इसके अतिरिक्त, नियामक ने कंपनी को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि भविष्य में इस तरह की चूक दोबारा न हो। इसके लिए कंपनी को सुधारात्मक कदम उठाने और पूरी कार्रवाई पूरी होने के बाद प्राधिकरण को इसकी जानकारी देने का निर्देश दिया गया है। फिलहाल, देशभर में खाद्य सुरक्षा मानकों की निगरानी के लिए एफएसएसएआई की ओर से निरीक्षण अभियान जारी है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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