सैलरी अकाउंट के 10 छिपे हुए फायदे, जिनके बारे में बैंक नहीं देते जानकारी व्यापार एक दिन पहले 9
करोड़ों लोग अपना सैलरी अकाउंट सिर्फ वेतन पाने के लिए इस्तेमाल करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसमें जीरो बैलेंस से लेकर सस्ते लोन तक कई बेहतरीन सुविधाएं जुड़ी होती हैं?

सैलरी अकाउंट के खास लाभ

हर महीने वेतन पाने वाले करोड़ों लोग अपने बैंक खाते को केवल पैसे जमा करने और खर्च करने का जरिया मानते हैं। हालांकि, सैलरी अकाउंट कई ऐसी खासियतों से लैस होता है, जिनका बैंक अक्सर खुलकर प्रचार नहीं करते। यदि आप भी नौकरीपेशा हैं, तो अपने अकाउंट की इन सुविधाओं को जरूर समझें।

सैलरी अकाउंट के 10 बड़े फायदे

  • जीरो बैलेंस की सुविधा: सैलरी अकाउंट में न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने का कोई दबाव नहीं होता। खाते में बैलेंस खत्म होने पर भी बैंक आमतौर पर कोई जुर्माना नहीं काटते।
  • ओवरड्राफ्ट की सुविधा: इमरजेंसी के वक्त आप अपने खाते में पैसे न होने पर भी बैंक द्वारा तय की गई सीमा तक रकम निकाल सकते हैं।
  • आसान लोन प्रक्रिया: सैलरी अकाउंट होल्डर्स की आय का रिकॉर्ड बैंक के पास होता है, इसलिए उन्हें पर्सनल, होम या कार लोन बहुत आसानी से मिल जाते हैं।
  • कम ब्याज दर: लोन लेते समय सैलरी अकाउंट होल्डर्स को सामान्य ग्राहकों के मुकाबले कई बार कम ब्याज दर का लाभ मिलता है।
  • फ्री डेबिट कार्ड और चेकबुक: अधिकांश बैंक सैलरी अकाउंट के साथ मुफ्त डेबिट कार्ड और चेकबुक की सुविधा देते हैं, जिन पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगता।
  • डिजिटल ट्रांजैक्शन: NEFT, RTGS और कई मामलों में IMPS जैसी डिजिटल ट्रांजैक्शन सेवाएं बिना किसी चार्ज के उपलब्ध होती हैं।
  • क्रेडिट कार्ड के लाभ: कई बैंक सैलरी अकाउंट के साथ शून्य वार्षिक शुल्क या कम शुल्क वाले क्रेडिट कार्ड प्रदान करते हैं, जिसमें कैशबैक और रिवॉर्ड पॉइंट्स मिलते हैं।
  • बीमा कवर: कुछ सैलरी अकाउंट्स में दुर्घटना बीमा या स्वास्थ्य बीमा जैसी सुरक्षा मिलती है, जिसके लिए अलग से कोई प्रीमियम नहीं देना पड़ता।
  • प्रायोरिटी बैंकिंग: उच्च आय वाले ग्राहकों के लिए समर्पित रिलेशनशिप मैनेजर और अलग काउंटर जैसी प्रीमियम सुविधाएं भी दी जाती हैं।
  • खास ऑफर और छूट: ऑनलाइन शॉपिंग, फूड डिलीवरी और रेस्तरां पर कई बैंक विशेष डिस्काउंट और कैशबैक ऑफर देते हैं। इसके अलावा निश्चित ATM ट्रांजैक्शन भी मुफ्त मिलते हैं।

विशेषज्ञों की सलाह

वित्तीय विशेषज्ञों के मुताबिक, आपका सैलरी अकाउंट केवल वेतन आने का जरिया नहीं, बल्कि एक पूरा बैंकिंग पैकेज है। चूंकि अलग-अलग बैंकों की नीतियां अलग होती हैं, इसलिए आपको अपने बैंक से संपर्क करना चाहिए। अपने अकाउंट में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी लेकर आप न केवल पैसों की बचत कर सकते हैं, बल्कि अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग को भी और ज्यादा मजबूत बना सकते हैं।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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