केरल में चर्च के मालिकाना हक को लेकर हिंसक झड़प, आर्थोडॉक्स और जाकोबाइट गुट आपस में भिड़े भारत एक घंटा पहले 6
केरल के मुवाट्टुपुषा में एक चर्च के नियंत्रण को लेकर आर्थोडॉक्स और जाकोबाइट गुटों के बीच भारी हंगामा हुआ, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए चर्च को फिलहाल बंद करा दिया है।

चर्च पर कब्जे को लेकर भिड़े दो गुट

केरल के मुवाट्टुपुषा इलाके में रविवार को एक चर्च में उस समय हड़कंप मच गया जब मलंकारा आर्थोडॉक्स और जाकोबाइट सीरियन गुटों के पादरी आपस में बुरी तरह भिड़ गए। यह पूरा मामला चर्च के मालिकाना हक और नियंत्रण को लेकर उपजे विवाद का है। घटना पीरामाडोम स्थित सेंट जॉन्स बेथलहम चर्च की है। मौके पर तनाव की सूचना मिलते ही पुलिस बल पहुंचा और किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया।

अदालती आदेश का हवाला देकर पहुंचे थे पादरी

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस चर्च को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही है। फिलहाल इस पर जाकोबाइट गुट का नियंत्रण है। रविवार को आर्थोडॉक्स गुट के कुछ पादरी चर्च में दाखिल हुए। उन्होंने मुवाट्टुपुषा उप अदालत के उस आदेश का हवाला दिया, जिसमें मालिकाना हक के इस पुराने विवाद में कथित तौर पर उनके पक्ष में फैसला सुनाया गया है। इसके जरिए वे चर्च पर अपना अधिकार जताना चाहते थे।

बहस से शुरू हुई बात धक्का-मुक्की तक पहुंची

जैसे ही आर्थोडॉक्स गुट के लोग वहां पहुंचे, चर्च में पहले से मौजूद जाकोबाइट गुट के पादरियों और समुदाय के सदस्यों ने कड़ा विरोध जताया। उनका दावा है कि मुफस्सिल कोर्ट का फैसला उनके हक में है। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की में बदल गई। चर्च परिसर में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

प्रशासन की दखल के बाद चर्च बंद

जब दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर अड़े रहे और पीछे हटने को तैयार नहीं हुए, तो पुलिस और जिला प्रशासन ने मामले में दखल दिया। फिलहाल शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चर्च को बंद कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने दोनों गुटों के प्रतिनिधियों को सोमवार शाम के समय बातचीत के लिए बुलाया है ताकि इस विवाद का कोई ठोस समाधान निकाला जा सके।

दोनों तरफ के पादरी हुए घायल

इस हिंसक झड़प में दोनों गुटों के पादरियों के घायल होने की खबर है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि दोनों तरफ से एक-दूसरे पर आरोप लगाए गए हैं और शिकायतें मिलने के बाद ही इस मामले में औपचारिक केस दर्ज किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इन दोनों गुटों के बीच संपत्तियों और चर्चों के कंट्रोल को लेकर विवाद पुराना है और इस पर कई बार अदालत के निर्णय भी आ चुके हैं। याद रहे कि इससे पहले पिछले साल मार्च में कोल्लम के एक चर्च परिसर में कब्रिस्तान के निकट सूटकेस में कंकाल मिलने जैसी सनसनीखेज घटना भी सामने आ चुकी है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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